Friday, November 18, 2016

अगियाठोरी रेलवे स्टेशन - कभी यहां रहती थी रौनक

हम नहारलगून इंटरसिटी से गुवाहाटी जा रहे हैं। सुबह नींद खुली तो हमारी ट्रेन चांगसारी रेलवे स्टेशन पर थी। चांगसारी ब्रह्मपुत्र नदी के इस पार का बड़ा स्टेशन बन गया है। इसके आगे ब्रह्मपुत्र नदी पर सरायघाट पुल से पहले आगठोरी नामक एक हाल्ट आता है। यहां कोई एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकती। पर किसी जमाने में आगठोरी बड़ा स्टेशन और बंदरगाह हुआ करता था। तब इस स्टेशन पर रौनक हुआ करती थी। स्टेशन का नाम AGTHORI  है इसका स्टेशन कोड AGT  है। कामख्या जंक्शन से 8 किलोमीटर पहले आता है आगठोरी। इस स्टेशन पर सिर्फ पैसेंजर ट्रेनें रूकती हैं। कुछ लोग इस स्टेशन का नाम आज्ञाठोरी बुलाते हैं। हिंदी में रेलवे स्टेशन का नाम लिखा है आगियाठोरी।


अब रेलवे स्टेशन का कोई प्लेटफार्म यहां दिखाई नहीं देता। दोनों तरफ हरे भरे खेत नजर आते हैं। पर एक जमाना था जब न्यूजलपाईगुड़ी की ओर से आने वाली रेलगाड़ियां आगियाठोरी में ही रूक जाती थीं। क्योंकि तब ब्रह्मपुत्र पर रेल पुल नहीं था। सरायघाट पुल ब्रह्मपुत्र पर बना पहला रेल कम रोड ब्रिज है। 1962 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस पुल का उदघाटन किया। साल 2012 में इस पुल ने अपना स्वर्ण जयंती ( 50 साल) मनाया। 10.6 करोड़ रुपये के लागात से तीन साल में इस पुल का निर्माण किया गया था। 31 अक्तूबर 1962 को पहली मालगाड़ी ने सरायघाट पुल से पार किया। यह डबल लाइन मीटर गेज रेल पुल था। पर अब सिंगल लाइन ब्राडगेज पुल है।

सुबह में गुवाहाटी की एक सड़क, रेल की खिड़की से 
पर 1962 से पहले क्या होता था। तब गुवाहाटीआने वाली रेलगाड़ियांऔर माल गाड़ियां आगियाठोरी में रुक जाती थीं। इसके बाद लोग फेरी से ब्रह्मपुत्र पारकर गुवाहाटी पहुंचते थे। वहां मालगाडियों के सामन को ट्रकों में लाद कर ब्रह्मपुत्र के तट पर लाया जाता था, वहां से फेरी के रास्ते माल गुवाहाटी शहर पहुंचता था।
तब अगियाठोरी असम का प्रमुख स्थल हुआ करता था। यहां पर कुलियों की भीड़ रहती थी। पुराने लोग जिन्होंने 1962 के पहले का दौर देखा है वे अगियाठोरी के महत्व और उसके रौनक को याद करते हैं। अगियाठोरी रेलवे स्टेशन के पास ही आईआईटी गुवाहाटी का परिसर स्थित है।

पर सरायघाट में रेल पुल बन जाने के बाद यह स्टेशन महज एक हाल्ट बनकर रह गया । आज 24 घंटे में  कुछ पैसेंजर गाड़ियां ही यहां रुकती हैं।

फिर लौटेगी रौनक - अब रेलवे की योजना अगियाठोरी में एक बड़ा पैसेंजर टर्मिनल बनाने की है।  साल 2016 के रेल बजट में 517 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे अगियाठोरी को गुवाहाटी के सेटेलाइट स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां पर पैसेंजर टर्मिनल और इंटेग्रेटेड कोचिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।  ऐसा होने पर एक बार फिर अगियाठोरी के दिन बहुरेंगे। इसके साथ ही कामाख्या जंक्शन और गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से यात्री और सामान ढुलाई का बोझ भी कम हो सकेगा। योजना पूरी होने पर अगियाठोरी ही गुवाहाटी का प्रमुख रेलवे स्टेशन बन जाएगा।
जहां अगियाठोरी का स्टेशन है, 1671 में इसी स्थल पर प्रसिद्ध सरायघाट का युद्ध हुआ था। यह युद्ध मुगलों और अहोम राजाओं की सेना के बीच हुआ।  यह असम के निर्णायक युद्ध में गिना जाता है।
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( AGTHORI, SRAIGHAT BRIDGE, RAIL, KAMAKHYA JN , ASSAM ) 
आगे पढ़िए - मां कामाख्या के दरबार में 

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