Wednesday, November 16, 2016

नहारलगून रेलवे स्टेशन और गुवाहाटी का सफर

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी का रेलवे स्टेशन है नहारलगून। फिलहाल रोज एक ट्रेन सुबह आती है और शाम को वापस जाती है। एक साप्ताहिक ट्रेन दिल्ली से पहुंचती है और दूसरे दिन दिल्ली वापस जाती है। राजधानी के रेलवे स्टेशन पर बस इतनी ही ट्रेनों की आवाजाही है। सफेद रंग का रेलवे स्टेशन भवन बाहर से किसी शाही बंगले का आभास देता है। नार्थ इस्ट फ्रंटियर रेलवे की और से साफ सफाई अच्छी है तो रेलगाड़ियां भी कम हैं, इसलिए स्टेशन साफ सुथरा चमचमाता हुआ नजर आता है।

 स्टेशन में प्रवेश करने पर टिकट काउंटर वाले क्षेत्र में ही एक छोटी सा फूड कोर्ट है। यहां पर शाम को पूरी सब्जी 30 रुपये की प्लेट मिल रही है। यानी आप शहर से कुछ खाकर नहीं आए हैं तो हल्की फुल्की पेट पूजा कर सकते हैं। इस फूड कोर्ट को एक महिला चला रही हैं। वे पकौड़े भी बना रही हैं। पानी, बिस्कुट समेत कुछ और जरूरत की चीजें उपलब्ध है। नए टाइम टेबल के अनुसार रात को 10 बजे गुवाहाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस यहां से खुलती है। रात को नौ बजे रेलवे के टीटीई महोदय वर्दी में अवतरित हुए जो स्टेशन में प्रवेश करने वालों के टिकट चेक कर रहे थे। शहर के बाहर इस स्टेशन पर भला जिसे ट्रेन न पकड़नी हो रात में यहां क्यों आएगा।

स्टेशन बिल्डिंग के बाहर बड़े बड़े अक्षरों में नहारलगून और एक तरफ इटानगर लिखा गया है। 22411 नहारलगून दिल्ली एसी एक्सप्रेस यहां से हप्ते में एक दिन खुलती है जबकि
15617 गुवाहाटी नहारलगून इंटरसिटी एक्सप्रेस सप्ताह में सातों दिन चलती है। रात को गुवाहाटी से चलकर सुबह नहारलगून पहुंचती है तो डाउन ट्रेन रात को नहारलगून से चलकर सुबह गुवाहाटी पहुंचती है।
नहारलगून 138 मीटर (453 फीट) की ऊंचाई पर बसा एक एक शहर है जो चारों तरफ पहाड़ियों से घिरा है। यह अरुणाचल प्रदेश के पापुमपारे जिले में आता है। रेलवे स्टेशन से इटानगर शहर का मुख्य केंद्र 15 किलोमीटर है। नहारलगून रेलवे स्टेशन पर समान्य और उच्च श्रेणी का प्रतीक्षालय के अलावा रिटायरिंग रूम भी बने हैं। प्रतीक्षालय काफी बेहतर स्थिति में और साफ सुथरा है।

1997 में हारमती से इटानगर को रेलवे से जोड़ने की योजना बनी। 15 अक्तूबर 2012 को हारमती-नहारलगून के बीच ब्राडगेज पर पहला इंजन दौड़ा। पर 7 अप्रैल 2014 से इस रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू हुआ। 20 फरवरी 2015 को नहारलगून से दिल्ली के लिए सीधी साप्ताहिक ट्रेन का संचालन शुरू हुआ, इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश से देश की राजधानी दिल्ली से लिए सीधी ट्रेन सेवा आरंभ हो सकी। रात को 9.35 में इटानगर से खुलने वाली ट्रेन 32 घंटे का सफर करके दिल्ली पहुंचती है।

अभी अरुणाचल प्रदेश राज्य में सिर्फ दो रेलवे स्टेशन हैं। नहारलगून के बाद अगला स्टेशन गुमतो है तो हारमती दोईमुख मार्ग पर पड़ता है। इसके बाद ट्रेन असम में प्रवेश कर जाती है। हारमती जंक्शन है जो लखीमपुर जिले में पड़ता है।

गुवाहाटी इंटरसिटी पर सवार होने के लिए हमें दो घंटे नहारलगून रेलवे स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर अरुणाचल आने वाले यात्रियों के लिए इनरलाइन परमिट बनवाने का दफ्तर भी बना हुआ है। परमिट के बिना प्रवेश करने पर जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। ट्रेन खुलने से पहले नहारलगून में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हमलोग यात्री शेड के नीचे थे इसलिए बचाव हो गया। हमारा डिब्बा भी शेड के सामने ही था इसलिए भिंगने की नौबत नहीं आई। नियत समय पर ट्रेन चल पड़ी। हमने अरुणाचल को अलविदा कहा और अपने बर्थ पर सोने की कोशिश में लग गए।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य  

( NAHARLAGUN, ITANAGAR, GUMTO, NFR, RAIL, AC EXPRESS, ILP  )

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