Friday, November 11, 2016

जीरो के होटल सिटी पैलेस में तीन दिन

हम पहले भी ये चर्चा कर चुके हैं कि जीरो में कोई भी शाकाहारी होटल नहीं था इसलिए हमें खाने पीने में काफी दिक्कत आ रही थी। दूसरी बात की रात को जीरो में कोई रेस्टोरेंट नहीं खुलता है। आपके पास नागालैंड की तरह एकमात्र विकल्प है कि अपने होटल को कहिए वह खाना उपलब्ध कराएगा।

हम हापोली में होटल सिटी पैलेस में ठहरे थे। यह होटल भौगोलिक रूप से काफी अच्छी जगह पर है। हापोली के टैक्सी स्टैंड से महज दो सौ मीटर दूर। बगल में जिला न्यायालय, डीसी आफिस इसके लैंडमार्क हैं। पास में सीआपीएफ का कैंप भी है। एक माता का मंदिर है जिसका प्रबंधन पारा मिलिट्री फोर्स के लोग ही करते हैं।

वैसे होटल की चार मंजिला गुलाबी रंग की इमारत अपने आप में लैंडमार्क है। होटल के भवन में ही ऊपर सेंट्रल बैंक की जीरो शाखा है। वास्तव में यह होटल के मार्केटिंग कांप्लेक्स में बना हुआ है। इसके आधार तल पर रिसेप्शन और रेस्टोरेंट है। आवासीय कमरे दो तल नीचे और एक तल ऊपर में बने हैं। हमारा कमरा नीचे था यानी हमें रिसेप्शन के बाद सीढ़ियां उतरनी पड़ती थी।

अब खाने के लिए कोई विकल्प नहीं था तो हमने अपने होटल को ही रात का खाना देने के लिए आर्डर किया। वैसे सफर में हम ऐसा बहुत कम करते हैं। किसी भी शहर में लोकप्रिय फूड जंक्शन पर जाकर खाना पसंद करते हैं। पर यहां विकल्पहीनता की स्थिति थी। हमारे होटल में बहुत कम मेहमान ठहरे थे इसलिए खाने का आर्डर कुछ घंटे पहले ही करना जरूरी था। यहां भी मीनू में शाकाहारी विकल्प सीमित थे। 

तो हमने पहले दिन आर्डर किया। एक प्लेट राइस। एक प्लेट दाल और आलू का भुजिया। जब आर्डर सामने आया तो एक प्लेट राइस हम तीन लोगों के खाने के लिए पर्याप्त था। दाल भी सुस्वादु बनी थी। भुजिया आलू को अत्यंत पतले पतले फार्म में काटकर बनाया गया था। कुल मिलाकर चावल दाल और आलू का भुजिया खाने में सुस्वादु था। होटल के रेस्टोरेंट में बैठकर खाने के दौरान उनकी सेवाएं अच्छी थी। इस सिंपल फूड हमें इतना अच्छा लगा कि अगले तीन दिन हमने और कुछ आर्डर नहीं किया। हर बार दाल चावल और भुजिया। बस। यही खाकर हमलोग तृप्त हो गए। बाहर खाने पीने के विकल्प सीमित हो गए थे तो होटल सिटी पैलेस के रेस्टोरेंट ने हमें निराश नहीं किया। कई बार जीरो में बारिश हो जा रही थी तो आसपास के होटलों में दिन में भी पहुंचना मुश्किल था।

होटल के रिसेप्शन पर तैनात युवा आपातानी मैनेजर, मल्टीटास्किंग स्टाफ की तरह काम करते थे। कभी कोट सूट पहन कर होटल के रिसेप्शन पर तैनात होते तो कभी होटल के रेस्टोरेंट के रसोईघर में जाकर भाजी पकाते भी नजर आते थे। दिन में होटल के रिसेप्शन पर एक लडकी भी ड्यूटी करती थी। होटल का रूम सर्विस भी संतोषजनक था। दिन हो या रात जब जो कुछ मांगों आपकी जरूरतों को तुरंत पूरा करने की कोशिश करते थे। होटल का कमरा आकार में काफी बड़ा है, यह हमने प्रवेश करते समय ही देखा था। वास्तव में इसके डबल बेडरूम में चार लोगों के लिए बेड लगा है। होटल के रिसेप्शन और ऊपर के मंजिल से जीरो का सुंदर नजारा भी दिखाई देता है।
- vidyutp@gmail.com

( HOTEL CITY PALACE, ZIRO, ARUNACHAL , GOOD FOOD ) 

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