Thursday, October 6, 2016

ठंडी हवाओं के झोंके - हुगली नदी में फेरी पर सैर

देश में कोलकाता एकमात्र ऐसा शहर है जहां पर सार्वजनिक परिवहन के तौर पर सबसे ज्यादा विकल्प इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लोकल ट्रेन, सिटी बस सेवा, मेट्रो, ट्राम और पानी में फेरी सेवा । मुंबई में फेरी सेवा है तो ट्राम नहीं। सबसे बड़ी बात है कि कोलकाता में हुगली नदी पर चलने वाली फेरी सेवाएं कोलकाता वासियों के बीच काफी लोकप्रिय भी हैं। 

आप जैसे ही हावड़ा स्टेशन से उतरते हैं कोलकाता शहर में प्रवेश करने के लिए आपके पास लोकल बस सेवा के अलावा फेरी का विकल्प है। रेलवे स्टेशन के ठीक सामने फेरी सेवा का घाट और टिकट काउंटर है। पांच रुपये का टिकट लेकर फेरी में सवार होकर आप सामने आर्मेनिया घाट या फेयरली घाट पर पहुंच सकते हैं। फेयरली घाट जाने वाली फेरी आपको कोलकाता शहर के बीबीडी बाग लोकल ट्रेन के स्टेशन पर उतारती है। यहां पर एक नया मिलेनियम पार्क भी बन गया है, जहां विक्टोरिया मेमोरियल के बाद आशिक-मासूक मिलते हैं। 


कोलकाता में इस फेरी सेवा का इस्तेमाल सस्ता और समय बचाने वाला भी है। इसलिए काफी लोग इस सेवा का इस्तेमाल करते हैं। कोलकाता वासियों में यह सेवा लोकप्रिय भी है। पर हावड़ा स्टेशन से ये फेरी सेवा कई स्थलों के लिए चलती है।

भूटभूटी का सफर भी - 
आप हावड़ा स्टेशन से सीधे बेलूर मठ फेरी से जा सकते हैं। इसका किराया 20 रुपये है। मैं बेलूर मठ भ्रमण के बाद हावड़ा आने की इच्छा रख रहा था। यूं ही बेलूर के  फेरी घाट पर चला गया। पता चला कि यहां से दक्षिणेश्वर के लिए नियमित फेरी सेवा है। किराया है 10 रुपये। हालांकि दक्षिणेश्वर के लिए नावें भी चलती हैं पर फेरी से जाना बेहतर है। इन नाव सेवा को लोग भूटभूटी कहते हैं , क्योंकि इसके इंजन से भट-भट आवाज आती है।

 काउंटर वाले ने बताया कि 1 बजे दोपहर में हावड़ा जाने वाली फेरी आएगी। मैं थोड़ा इंतजार करता हूं। फेरी आने पर 20 रुपये का टिकट लेकर उसमें सवार हो जाता हूं। यह फेरी पीछे दक्षिणेश्वर से चलकर आ रही है। यहां से हुगली में बाली ब्रिज का नजारा दिखाई दे रहा है। दोपहर की गरमी में फेरी में चलने का मजा है कि ठंडी ठंडी हवा लगती है। हुगली नदी के दोनों तरफ कोलकाता शहर का नजारों का मजा लेते हुए फेरी के साथ आप आगे बढ़ रहे हैं। यह एक आनंददायक अनुभूति है। हमारे साथ एक सेना के अधिकारी हैं। बिहार के रहने वाले हैं, फोर्ट विलियम में पदस्थापित हैं, वे भी फेरी का आनंद लेने के लिए रविवार की छुट्टी में पहुंचे हैं। कई कोलकाता के परिवार के लोग भी तफरीह करने पहुंचे हैं।

हमारी फेरी हावड़ा से पहले अपने पड़ाव बाग बाजार घाट जेट्टि पर रुकती है। फिर आगे बढ़ती है। मैं फेरी के अग्र भाग पर कैमरा लेकर तैनात हो जाता हूं। हावड़ा ब्रिज का शानदार व्यू मेरे कैमरे में आ रहा है। देखते देखते हम हावड़ा ब्रिज के करीब पहुंच जाते हैं। हमारी फेरी इस ऐतिहासिक पुल के नीचे नीचे गुजरती है। अब हावड़ा रेलवे स्टेशन का विहंगम दृश्य नजर आता है। फेरी हावड़ा रेलवे स्टेशन के जेट्टि पर रुक जाती है। फेयरली जेट्टि जाने वाले बैठे रहते हैं। आगे बढ़ने पर न्यू हावड़ा ब्रिज दूर से दिखाई दे रहा है।


हुगली में फेरी का मार्ग - हावड़ा जेट्टि से नियमित तौर पर फेरी आर्मेनिया घाट, फेयरली घाट, बाबू घाट, चांदपाल, अहिरी टोला, शोभा बाजार, काशीपुर, रतनबाबू घाट, बड़ानगर, बाग बाजार घाट, बेलूर, दक्षिणेश्वर आदि स्थानों के लिए चलती है। आमतौर पर इनका संचालन का समय सुबह 7.40 से शाम 8.00 बजे तक का है।

इन फेरी सेवाओं का संचालन वेस्ट बंगाल सरफेस ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड करता है। इन फेरी सेवा में किराया 5, 10, 15 और 20 रुपये है। क्या कोलकाता से प्रेरणा लेकर दिल्ली में यमुना नदी में वजीराबाद से ओखला तक इस तरह की फेरी सेवा चलाई जा सकती है। शायद इसमें कई तरह की बाधाएं आ सकती हैं। यमुना का जलस्तर, दोनों तटों पर गंदगी और रास्ते के कई पुल इसमें बाधा बन  सकते हैं। फिर इस विकल्प के बारे में सोचा जा सकता है।   
-         विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com

-         (KOLKATA, FERRY SERVICE, HOOGHLY RIVER, BENGAL) 
  

2 comments:

  1. बहुत मनमोहक लगा । मै कई बार गया लेकिन हर बार टाल दिया । इस बार आपका लेख पढकर मन डोलने लगा है । अबकी बार फैरी से यात्रा जरूर करूंगा ।

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