Friday, October 28, 2016

जीरो में कोई शाकाहारी होटल नहीं है....

जीरो के बाजार में समोसा औऱ मिठाइयों की एक दुकान। 
सुबह के 11 बजे थे। हमलोग जीरो के अपने होटल में व्यस्थित हो जाने के बाद खाने की तलाश में निकले। भूख अच्छी खासी लग रही थी क्योंकि सुबह में नास्ता नहीं किया था। जीरो के हापोली बाजार में स्टेट बैंक वाले चौराहे पर पहुंचने से पहले जितने भी होटल मिले सबके नाम के आगे बीफ होटल लगा था। मतलब साफ था कि सभी होटलों में बीफ मिलता है। हम बीफ नहीं खाते तो क्या करें। अनादि ने कुछ होटलों में पूछा वेज मोमोज...जवाब मिला कहीं भी वेज मोमोज नहीं बनता। इसके लिए तो आर्डर करना पड़ेगा। चिकेन मोमो और दूसरे तरह के मांसाहारी कंबिनेशन वाले ही मोमोज बिक रहे थे। 

हमलोग खाने की तलाश में और आगे बढ़े। ठीक उसी तरह जैसे – दो बेचारे बिना सहारे देखो पूछ पूछ हारे... स्टेट बैंक वाले चौक पर एक स्टेशनरी की दुकान मिली। दुकानदार से बात कर पता चला कि वे मुजफ्फरपुर बिहार के हैं। उनसे थोड़ी सलाह ली। उन्होंने बताया कि आगे जाकर गली में घोष होटल है। वह बंगाली होटल है। हालांकि वह भी शाकाहारी नहीं है पर आपको वहां अच्छा खाना मिल जाएगा। हमने घोष होटल ढूंढ निकाला. लकड़ी का भवन। लकड़ी की ही फर्श । हिलता डुलता होटल। पचास रुपये की खाने की थाली। चावल, दाल, सब्जी और भुजिया। चाहे जितना खाओ 50 रुपये में। अनादि को थाली शेयर करने की इजाजत भी देदी। खाना संतोष जनक था पर बहुत अच्छा भी नहीं। हल्की बारिश हो रही थी।

हमने पूछा शाम को क्या बनेगा। उन्होंने कहा होटल शाम को कभी नहीं खुलता. यही नहीं जीरो में कोई भी होटल शाम को नहीं खुलता। फिर रात का खाना या डिनर कहां होगा। उन्होंने कहा आप जिस होटल में ठहरे हैं वही आर्डर करके खाना होगा। जीरो की सारी खाने पीने की दुकानें शाम को 6 बजे तक बंद हो जाती हैं। हम रात को लेकर अलर्ट हो गए. अपने होटल में ही खाने का आर्डर कर दिया। शाम को चौक पर एक मिठाइयों की दुकान मिली। वहां समोसे, पूरी, मिठाइयां और पराठे मिल रहे थे. पर ये लोग पराठे मैदे का बना रहे हैं। फिर भी शाकाहारी के लिए यह मिठाई की दुकान बड़ा संबल थी। अगली सुबह जीरो की सड़क पर घूमते हुए गुप्ता स्वीट्स दिखाई दिया। यहां पूरी सब्जी मिल गई 20 रुपये की प्लेट। सुबह का नास्ता अच्छा रहा।

MADE IN ZIRO..PORK AND BAMBOOSHOOT PICLKLE 
गुप्ता स्वीट्स वाले समस्तीपुर बिहार के रहने वाले हैं। सारा स्टाफ भी समस्तीपुर से ही आया है। उन्होंने बताया कि अगर आप आर्डर करें तो वे रात का शाकाहारी खाना उपलब्ध करा सकते हैं। वही खाना जो होटल के स्टाफ के लिए बनता है। पर हमने अपने होटल में खाने केलिए बात  कर ली थी। पर हमारे जीरो प्रवास के दौरान गुप्ता स्वीट्स का नास्ता, मिठाइयां आदि हमारे रुटीन का हिस्सा बना रहा। क्योंकि ये स्वीट शॉप ही शाकाहारी रसोई वाले थे। पूरे जीरो के बाजार में हमें चार-पांच ऐसी मिठाइयों वाली दुकानें नजर आईं। अगर नागालैंड की राजधानी कोहिमा से तुलना करें तो जीरो में शाकाहारी अपना गुजारा चला सकते हैं।

-        -  विद्युत प्रकाश मौर्य

( ZIRO, VEGETARIAN FOOD, RICE, PURI, PLATE, MOMOS )  


2 comments:

  1. मै भी शाकाहारी हूँ । खाने पीने के लाले पडेगें वहाँ जाने पर ।

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    1. जुगाड़ हो जाएगा।

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