Thursday, October 20, 2016

इनर लाइन परमिट के बिना अरुणाचल में प्रवेश नहीं

दिल्ली के कौटिल्य मार्ग स्थित अरुणाचल भवन 
पूर्वोत्तर के तीन ऐसे राज्य हैं जहां जाने के लिए किसी भी भारतीय नागरिक के लिए भी इनर लाइन परमिट की जरूरत होती है। इससे पूर्व मैंने नागालैंड के लिए आईएलपी बनवाया था। मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में भी बिना आईएलपी के प्रवेश नहीं किया जा सकता है। इसलिए अरुणाचल जाने से पहले दिल्ली से ही मैंने आईएलपी बनवा लेना उचित समझा। दिल्ली में चाणक्यपुरी के कौटिल्य मार्ग पर स्थित अरुणाचल भवन से यह परमिट बनवाया जा सकता है। अरुणाचल भवन पहुंचने के लिए निकटतम मेट्रो स्टेशन लोककल्याण मार्ग (रेसकोर्स) है। यहां से अरुणाचल भवन एक किलोमीटर है। आप पैदल जा सकते हैं। या शेयरिंग आटो वाले 30 रुपये मांगते हैं। अरुणाचल भवन सम्राट होटल, त्रिपुरा भवन और गुजरात भवन के पास है।

अरुणाचल भवन जाने पर मालूम हुआ कि परमिट के लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड आदि में से कोई एक प्रमाण पत्र की छाया प्रति, दो फोटो सभी सदस्यों का चाहिए। परमिट बनवाने के लिए फीस 200 रुपये प्रति व्यक्ति है। अगर आपको परमिट उसी दिन तुरंत चाहिए तो यह फीस 400 रुपये है। आमतौर पर परमिट अरुणाचल के तीन टूरिस्ट सर्किट में से किसी एक सर्किट के लिए 15 दिनों की अवधि का बनता है। मुझे तीन लोगों का परमिट चाहिए था। इसलिए मैंने 1200 की जगह 600 रुपये खर्च के करने की सोची और परमिट प्राप्त करने के लिए अरुणाचल भवन का एक बार और चक्कर लगाया। दूसरे दिन पहुंचने पर तैयार परमिट मेरा इंतजार कर रहा था। 

अरुणाचल भवन के टूरिज्म दफ्तर में तैनात मीना जो अरुणाचल के पासीघाट की हैं, उन्होंने मुझे अरुणाचल पर एक पुस्तक और राज्य का एक मानचित्र भी दिया। वैसे ये आईएलपी आप कोलकाता, गुवाहाटी, जोरहाट, तेजपुर, ढिब्रूगढ़ और नार्थ लखीमपुर स्थित अरुणाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर के दफ्तरों से भी बनवा सकते हैं। जब से नहारलगून तक रेल चलनी शुरू हो गई है नहारलगून रेलवे स्टेशन पर भी आईएलपी के लिए दफ्तर खुल गया है। पर वहां पर फीस 400 रुपये ली जाती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप परमिट पहले से बनवा कर ही अरुणाचल जाएं। इससे समय की बचत होगी। अरुणाचल में पदस्थापित सरकारी कर्मचारी के रिश्तेदारों को भी परमिट बनवाना पड़ता है।

जो लोग अरुणाचल के किसी शहर में रहकर कारोबार आदि कर रहे हैं। उन्हें भी इनर लाइन पास बनवाना पड़ता है। यह एक आईकार्ड की तरह होता है। इसकी फीस एक साल के लिए 150 रुपये है। यह हर साल नवीकृत कराना पड़ता है। अरुणाचल मेंघूमते हुए अपना आईएलपी हमेशा अपने साथ रखें। इसकी कहीं भी जांच हो सकती है। आईएलपी नहीं होने पर 1000 रुपये जुर्माना हो सकता है।

नहारलगून रेलवे स्टेशन पर उतरते समय रेल से आने वाले सारे यात्रियों के आईएलपी की जांच होती है। हालांकि जांच करने वाले पारा मिलिट्री फोर्स के जवान ने बताया कि पति पत्नी का आईएलपी ठीक है। 

दस साल के बच्चे का आईएलपी बनवाना जरूरी नहीं है। हालांकि बेटे अनादि अपने नाम और फोटो के साथ बने आईएलपी को देखकर काफी खुश थे। अरुणाचल आने वाले विदेशी सैलानियों को भी वीजा, पासपोर्ट के अलावा अलग से इनर लाइन परमिट की जरूरत होती है। हमारा आईएलपी, इटानगर, जीरो, पासीघाट सर्किट का है। इसमें पांच जिलों में जाने के लिए मान्य बताया गया है। पूर्वी सिंयाग, लोअर सुबानसिरी, अपर सुबानसिरी, पंपापोर और पासीघाट।
-         विद्युत प्रकाश मौर्य

-         ARUNACHAL PRADESH, TOURIST INNER LINE PERMIT, THREE CIRCUITS )        

2 comments:


  1. आपका यह अरूणाचल यात्रा वृत्तांत मेरे लिए बहुत ही सही समय पर प्रकाशित हो रहा है । मेरे लिए बहुत मददगार साबित होगा ।मै भी नम्बर माह मे जाना चाह रहा हूँ।
    अरूणाचल पर्यटन विभाग के वेबसाइट मे रू•100/- ILP शुल्क लिखा है। मै भी उधर घूमने जाने को सोच रहा था । तो थोडा छान बीन कर रहा था तो देखा ।

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    1. शुल्क बढ़ गया है। वेबसाइट अपडेट नहीं है। दो फोटो भी साथ लेकर जाएं। साथ ही आधार कार्ड की फोटो कॉपी। 200 रुपये देने पर अगले दिन परमिट मिलेगा। 400 देने पर उसी दिन।

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