Tuesday, September 27, 2016

कोलकाता में पानी ऐसी की बरबादी

कोलकाता के एमजी रोड पर यूं बरबाद होता है पानी....
सिटी ऑफ जॉय यानी आनंद नगर। पर इस आनंद नगर के कई बेतकल्लुफ चेहरे भी हैं। कोलकाता के एमजी रोड के नलों पर मेरी नजर जाती है। इनमें अनवरत पानी आता रहता है। कोई बंद करने वाली टोंटी नहीं लगी है। लोग भरें तो ठीक नहीं भरें तो लगातार पानी बरबाद होता रहता है। सुबह शाम जब इन नलों में पानी आने का समय होता है, आसपास के लोग बाल्टियां और बोतल लेकर पहुंच जाते हैं। जब वे अपनी बाल्टियां भर कर चले जाते हैं जब पानी सड़कों पर बिखरने लगता है। थोड़ी देर बाद देखता हूं एक टैक्सीवाला आता है। अपनी टैक्सी रोकता है। पानी पीने के बाद वह इस पानी से अपनी टैक्सी की धुलाई करने लगता है। 

टैक्सी धुलाई के बाद टैक्सी वाला चला जाता है, पर नल से पानी आने का सिलसिला अनवरत जारी रहता है। लोहे का शाही नल। उससे तेज गति से निकलता पानी। कुछ सड़क पर दिन गुजारने वाले लोग साबुन और बाल्टी लेकर आते हैं, यहीं नहाना शुरू कर देते हैं।
कोलकाता - एमजी रोड पर कुछ यूं बरबाद होता है पानी 
 कुछ लोगों ने मुझे बताया कि कोलकाता के इस इलाके में नल में पानी इतने फोर्स में आता है कि इसमें टोंटी लगाने में कामयाबी नहीं मिलती। या कि लोग टोंटी निकाल कर फेंक देते हैं। मुझे गांधी जी याद आते हैं जिन्होंने किसी भी शहर में टपकते नल को बंद करने का संदेश दिया था। पर ये संदेश यहां बेमानी लगते है।

कभी कभी ऐसा लगता कि दीदी के बंगाल और उसकी राजधानी कोलकाता में पानी को कोई कमी नहीं। पर ऐसा नहीं है। कोलकाता के कई इलाकों में लोगों को इसी उदारता से पानी नहीं मिलता।

सुबह में आता है गंगा का पानी - बड़ा बाजार, एमजी रोड समेत कोलकाता के कुछ इलाकों में हुगली नदी का पानी अलग से सप्लाई होता है। इसे लोग यहां गंगा जल कहते हैं। यह पानी सुबह आता है। इसके सप्लाई के पाइप में भी कोई नल (टोंटी) नहीं लगा होता। बंद करने का कोई इंतजाम नहीं। 

कोलकाता - एमजी रोड पर कुछ यूं बरबाद होता है पानी 

जब पानी आता है तो जमकर आता है। लोग इस पानी का इस्तेमाल स्नान करने और कपड़े धोने के लिए करते हैं। बच्चे तो इसमें कूद कूद कर नहाते हैं। 
ऐसा करें भी क्यों नहीं गंगा जी खुद चलकर उनके द्वार पर जो आई हैं। ऐसा और कहीं होता है क्या...ये सिटी ऑफ जॉय है भैया। सुना है कि कोलकाता के लोगों को पानी का बिल भी बहुत मामूली देना पड़ता है। तो ये कोलकाता है जमकर उड़ाओ मौज और पीओ पानी... कवि रहीम ने कहा था, रहिमन पानी राखिए...बिन पानी सब सून...पर यहां उनकी बातों का कोई मतलब नहीं। 

- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com

(BENGAL, KOLKATA, WATER, MG ROAD) 

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