Thursday, September 22, 2016

सिटी ऑफ जॉय – यानी कोलकाता में

कोलकाता - नेताजी सुभाष इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक रिक्शा भी बस भी। 
कोलकाता कई बार आया हूं। पर इस बार जुलाई 2016 में उड़कर पहुंचा हूं। वह भी पोर्ट ब्लेयर से। ऐसा लगा मानो चुपके से छठी बार इस शहर में घुस आया हूं। क्योंकि इससे पहले कोलकाता हमेशा हावड़ा रेलवे स्टेशन पर रेल से पहुंचा हूं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर से उड़ान भरता हुआ जहाज कब बंगाल के खेतों के ऊपर कुलांचे भरने लगा पता ही नहीं चला। आसमान में बादल छाए थे। नीचे कुछ नजर नहीं आ रहा था। खराब मौसम की चेतावनी दी गई थी। अचानक कैप्टन ने ऐलान किया हम कुछ ही देर में कोलकाता उतरने वाले हैं। हरे भरे खेतों कि क्यारियां नजर आने लगी थीं। थोड़ी देर में शहर दिखाई देने लगा। इसी बीच हमारा विमान कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतररराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर तेजी से दौड़ लगा रहा था। विमान रूकते ही लोग उतरने की तैयारी करने लगे। कोलकाता एयरपोर्ट काफी कुछ दिल्ली के टी 3 जैसा भव्य नजर आ रहा है। हमलोग एयरब्रिज से सीधे लांज में आ गए। चूंकि कोलकाता का यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय है तो हमें यहां रायल भूटान एयरलाइन्स का विमान शान से खड़ा दिखाई देता है। भूटान, हमारा प्यारा पड़ोसी देश। उसका विमान भी बड़ा प्यारा सा है। हल्की बारिश में वह और भी निखरा दिखाई दे रहा है।
कोलकाता - बारिश की बूंदों के बीच भूटान एयरलाइंस का विमान। 

 तमाम उतरने वाले लोग घर जाने से पहले एयरपोर्ट पर अपनी सेल्फी लेने में व्यस्त हैं। लांज में लंबी पदयात्रा के बाद बाहरी द्वार तक पहुंचना हुआ। विमान में मांसाहारी खाना खाकर मेरा पेट खराब हो गया था। मुझे अंडे से भारी एलर्जी है। हालांकि परिचारिका ने कहा था, इसमें अंडा नहीं है, पर जो चिकन कोरमा था वह मुझे हजम नहीं हुआ। टायलेट में पहुंचा। आधे घंटे तक कई उल्टियां हुई। तब जाकर थोड़ी शांति मिली। कोलकाता एयरपोर्ट से बाहर एसी बसें चलती हुई दिखाई दीं हावड़ा रेलवे स्टेशन के लिए। किराया वाजिब है 45 रुपये। पर मुझे तो सियालदह जाना है। वहां के लिए एसी बस नहीं है। भद्रलोक के इस शहर में एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार तक साइकिल रिक्शे वाले पहुंच जाते हैं।


पर कोलकाता के एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही भारतीय रेलवे का विमान बंदर नामक लोकल ट्रेन का रेलवे स्टेशन है।हालांकि यहां तक दिन भर में लोकल ट्रेनें बहुत कम आती हैं। पर चेन्नई एयरपोर्ट के ठीक सामने त्रिशूलम रेलवे स्टेशन से आप लोकल लेकर कहीं भी जा सकते हैं।
खैर कोलकाता एयरपोर्ट से थोड़ा पैदल चलने पर आप मुख्य मार्ग पर आ सकते हैं जहां से कहीं भी जाने के लिए लोकल बसें मिल जाती हैं। एयरपोर्ट परिसर में टैक्सी स्टैंड भी है। कोलकाता में टैक्सी किराया दिल्ली से भी कम है, साथ ही टैक्सी वाले कहीं भी जाने से मना नहीं कर सकते।

खैर मैं मुख्य सड़क पर पहुंचा, थोड़े इंतजार के बाद सियालदह रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाली बस मिल गई, किराया 12 रुपये। बस कोलकाता शहर के बागौती, कृष्णानगर, केष्टोपुर, उल्टाडांगा, मानिकतल्ला, नरकेलडंगा, सीआईटी रोड के बाद बेलाघटिया मेन रोड होती हुई आगे बढ़ रही है। इसके बाद सियालदह रेलवे स्टेशन आ जाता है। मैं बस से उतर जाता हूं। 
हालांकि कोलकाता में मेरे कई परिचित और रिश्तेदार रहते हैं, पर इस बार किसी के घर नहीं जाता हूं क्योंकि कम समय में कुछ काम निपटाने हैं। अगले दिन मेरी ट्रेन सियालदह रेलवे स्टेशन है इसलिए सियालह स्टेशन के सामने आचार्य जगदीश चंद्र बोस रोड पर अशोका होटल में अपना ठिकाना बनाता हूं। यहां मुझे छोटा सा वातानुकूलित कमरा 800 रुपये में मिल जाता है। होटल की बिल्डिंग में यूको बैंक की शाखा भी है। पोर्ट ब्लेयर से सुबह नहा कर चला था पर कोलकाता की उमस भरी गर्मी में एक बार फिर स्नान करने की इच्छा हो रही है।
-         विद्युत प्रकाश मौर्य
(KOLKATA, AIRPORT, CITY OF JOY, LOCAL TRAIN, BUS )



       

9 comments:

  1. बीहटरीन आलेख

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  2. बीहटरीन आलेख

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  3. कोल्कता कभी गया नहीं हूँ। लिस्ट में जोड़ लेता हूँ।

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  4. कोल्कता कभी गया नहीं हूँ। लिस्ट में जोड़ लेता हूँ।

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