Saturday, September 17, 2016

पोर्ट ब्लेयर के मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे... ((37))

अंदमान निकोबार द्वीप समूह आबादी के लिहाज से एक हिंदू बहुल प्रदेश है। पर यहां सिक्ख, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सभी मिल जुल कर रहते हैं। पर इस द्वीप प्रदेश की सबसे बड़ी खूबसूरती यहां जातिविहीन समाज का होना है। जो लोग कथित तौर पर यहां सेटलर यानी शरणार्थी हैं, उन्हें अपने पुरखों का राज्य तो याद है, पर यहां आकर अब वे अपनी जाति भूल गए हैं। बिहारी, यूपी वाले, झारखंड वाले, छत्तीसगढ़ वाले, बंगाली, मलयाली और तमिल सभी यहां मिल जुल कर रहते हैं।  
अबरडीन बाजार में मुझे पुलिस गुरुद्वारा दिखाई देता है। मैं सहज तौर पर मत्था टेकने चला जाता हूं। साफ सुथरे गुरुद्वारे में दूसरी मंजिल पर गुरुघर बना हुआ है। वहां शाम के समय कीर्तन हो रहा है। थोड़ी देर बैठकर कीर्तन सुनता हूं। इसके बाद मुझे कड़ाह प्रसाद यानी हलवा दिया जाता है। इस गुरुद्वारे में अतिथि गृह भी बना हुआ है। पोर्ट ब्लेयर के सिख परिवार के लोग इस गुरुद्वारे में नियमित पहुंचते हैं। शहर में दीवान सिंह गुरुद्वारा भी है। दीवान सिंह चिकित्सक थे। वे बड़े लोकप्रिय थे,  पर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापानियों ने उन्हें ब्रिटिश जासूस होने के शक में मार डाला। पोर्ट ब्लेयर शहर उनकी शहादत को याद करता है।
पुलिस दफ्तर के सामने वीर हनुमान मंदिर 

वीर हनुमान मंदिर -  अबरडीन बाजार में पुलिस दफ्तर के सामने स्थित है वीर हनुमान मंदिर। ये मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं में काफी लोकप्रिय है। हर मंगलवार और शनिवार को यहां काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं। अक्सर यहां खिचड़ी का लंगर भी लगता है।  वैसे पोर्ट ब्लेयर में और भी कई हनुमान मंदिर हैं।
पुलिस बैकुंठधाम मंदिर वीर हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा के बाद स्थित है पुलिस बैकुंठ धाम मंदिर। सीढ़ियां चढकर ऊपर जाने के बाद के बाद एक सुंदर मंदिर समूह है। मंदिर में राधाकृष्ण, शिव, विष्णु समेत कई देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित है। मंदिर के बाहर सुंदर चौबारा बना हुआ है।

पोर्ट ब्लेयर में अच्छी संख्या तमिलभाषी लोगों की है इसलिए यहां पर कई दक्षिण भारतीय शैली में बने मंदिर भी दिखाई देते हैं। डेलानीपुर, हैडो रोड पर कई मंदिर बने हैं। ये मंदिर बड़े सुंदर, सुरूचिपूर्ण और साफ सुथरे हैं। हैडो में हनुमान जी के मंदिर के नाम पर हनुमान जंक्शन है।

निरंकारी सत्संग आश्रम – मुझे एयरपोर्ट से पहले जंगली घाट मार्ग पर निरंकानी सत्संग भवन दिखाई देता है। इससे पता चलता है कि यहां पर निरंकारी समाज के लोग भी अच्छी संख्या में है।
अहमदिया मसजिद – पोर्ट ब्लेयर से लगे हुए बंबू  फ्लाट द्वीप पर मुस्लिम लोगों की अच्छी आबादी है। वहां पर मसजिदें भी हैं। पर लांबा लाइन में मुझे अहमदिया मसजिद दिखाई देती है। इससे पता चलता है कि यहां अहमदिया मुसलमान भी बसे हुए हैं।
पोर्ट ब्लेयर के अलग अलग इलाकों में कई चर्च भी हैं। इसमें कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट दोनों तरह के चर्च हैं। कुल मिलाकर एक छोटा सा हिंदुस्तान रहता है। किस्म किस्म के फूल खिले हैं यहां। पर जहां पर हर धर्म के लोग अपने अपने उपासना स्थलों के साथ मिल जुल कर रहते हैं। सभी लोग एक दूसरे के सुखदुख में शामिल होते हैं।  
-         विद्युत प्रकाश मौर्य


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