Monday, September 12, 2016

रेड स्किन -देखिए कोरल की अनूठी दुनिया ((32))

ब्लू कोरल या फायर कोरल ( सौ - समुद्रिका) 
रेडस्किन द्वीप में कोरल की अनूठी दुनिया है। यहां पर दर्जनों तरह के कोरल (प्रवाल) को अपनी आंखों से देख सकते हैं। साथ ही सैलानी यहां स्नोरकेलिंग (SNORKELING) के लिए आते हैं। अंदमान में स्नोरकेलिंग यानी पानी के अंदर जाकर खास तरह के चश्मे लगाकर कोरल को देखने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है।
जब आप फेरी से रेडस्किन द्वीप पर पहुंचते हैं तो आपको एक ऐसी नाव में बिठाया जाता है जिसे ग्लास बॉटम बोट कहते हैं। इस नाव की पेंदी सीसे की है। इसमें चारों तरफ से बैठकर आप समंदर के पानी के अंदर की दुनिया देख सकते हैं। 15 मिनटों का यह दर्शन आपके टिकट में शामिल है। पर अतिरिक्त आधे घंटे देखना चाहते हैं तो 300 रुपयेप्रति व्यक्ति देना पड़ता है। पर यह दर्शन अतीव रोमांचकारी होता है।
फिंगर कोरल ( सौ . समुद्रिका ) 

आखिर क्या हैं कोरल। क्या कोरल पत्थर हैं या जंतु हैं। वास्तव में कोरल जीव हैं। बहुत लोग सोचते हैं कि कोरल अजीवित पत्थरों का रूप है। असल में कोरल जंतु होते हैं तो पत्थर की तरह सख्त ढांचे में विकसित होते हैं। कोरल का जीवित भाग एक पतली परत के समान होता है। कोरल जब आराम करते हैं तो खुद को ढांचे के अंदर रख लेते हैं। कोरल विभिन्न रंग रूप में पाए जाते हैं। ये आमतौर पर समुद्र जल से नमक का ग्रहण करते के अपने सोशल कोरल रीफ का निर्माण करते हैं। ये अपने डंक का प्रयोग करते हुए समुद्री जल से जंतु प्लवक को पकड़ते हैं।
मशरूम कोरल ( सौ - समुद्रिका ) 

अलग अलग आकार के कोरल का बनना अपने आप में एक अनूठी प्रक्रिया  है। यह एक हस्तशिल्प सा लगता है। कोरल विशाल गुंबद आकार की कोलानी का निर्माण करते हैं। अंदमान में करीब 3000 किस्म के कोरल पाए जाते हैं। कोरल रीफ धरती पर पारिस्थितकीय प्रणाली का सबसे जटिल, विविधातापूर्ण और विस्मयकारी उदाहरण है। कई कोरल का सौंदर्य देखते ही बनता है।  

किस्म किस्म के कोरल - आकार प्रकार के आधार पर कोरल का नाम दिया गया  है। जैसे मशरूम कोरल, हेल्मेट कोरल, स्टेग हार्न कोरल, हनीकांब कोरल, टेबल कोरल, प्लेट कोरल, ब्रेन कोरल, फ्लैट कोरल, मार्बल कोरल, कली फ्लावर कोरल, आर्गन पाइप कोरल, बोल्डर कोरल, डिजिटेट कोरल, कॉयर कोरल। ब्लू कोरल नीले रंग का होता है। इसे फायर कोरल भी कहते हैं। यह अंदमान के रंगत, दिगालीपुर इलाके में पाया जाता है।
कोरल की अनूठी  दुनिया ( फोटो - विद्युत - रेडस्किन ) 

वसंत ऋतु में करते हैं प्रजनन – कोरल के जन्म की कहानी भी अनोखी है। कोरल कई बार एक लिंगी और कई बार उभयलिंगी होते हैं। ये लैंगिक प्रजनन क्रिया के दौरान वसंत ऋतु के पूर्णमासी के एक या दो दिन पहले संध्या काल में मिलते हैं। नर और मादा लाखों की संख्या में गुलाबी गेंद सदृश सृजन करते हैं। ये बॉल्स अंकुरित होकर निषेचन की प्रक्रिया पूरी करते हैं। इस दौरान खुले समुद्र में बड़ी संख्या मे बेबी कोरल का जन्म होता है। फिर  वे अपने लिए नई कालोनियां बनाते हैं।

कोरल की अनूठी  दुनिया ( फोटो - विद्युत - रेडस्किन ) 
हमें हमारी नाव खेने वाले संतोष मंडल कोरल की अनूठी दुनिया दिखाते हुए बताते हैं कि पारिस्थितक संतुलन में कोरल की भूमिका काफी बड़ी है। साथ ही ये कोरल बड़े मूल्यवान होते हैं। कई कोरल से महंगी दवाएं बनती हैं। इसलिए कोरल पर हमेशा तस्करों की नजर रहती है। कोरल समंदर की पारिस्थितकी के निर्माण में बड़ी भूमिका निभा
कोरल की अनूठी  दुनिया ( फोटो - विद्युत - रेडस्किन ) 
ते हैं। इसलिए हमें समंदर में कचरा फेंक कर गंदगी नहीं फैलानी चाहिए। नहीं तो समंदर को भी कभी कभी गुस्सा आता है और वह सुनामी लेकर आता है।
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(ANDAMAN, CORAL, WANDUR, PORT BLAIR )   
कोरल की अनूठी  दुनिया ( फोटो - विद्युत - रेडस्किन ) 

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