Saturday, September 10, 2016

महात्मा गांधी मरीन कांप्लेक्स वांडुर - समंदर से संवाद ((30))

मैं सुबह 7.30 बजे वांडुर पहुंच गया हूं। हमारी फेरी 8.30 बजे रेड स्किन को जाने वाली है। अभी काउंटर नहीं खुले हैं। अभी नास्ता नहीं किया है। पड़ोस के रेस्टोरेंट में जाता हूं। पराठा 10 रुपये प्रति नग है सब्जी के साथ। मैं दो पराठेका आर्डर करता हूं। जब पराठे अच्छे लगते हैं तो एक और मंगा लेता हूं। पेट पूजा के बाद आसपास का मुआयना करने निकल पड़ता हूं।

जब आप किसी जगह के बारे में सुनकर और पढ़कर जानते हैं तो आपके मन में उसके बारे में एक काल्पनिक छवि होती है। पर जब आप वहां पहुंचते हैं तो कई बार वह ज्यादा सुंदर और अपना लगने लगता है। बाहर बारिश हो रही है। मरीन कांप्लेक्स में दो भवन बने हैं।एक में दफ्तर और आडिटोरियम है और दूसरे में संग्रहालय। लॉन में सुंदर फूल खिले हैं और हरे भरे पेड़ हैं। 

सामने विशाल समुद्र बांहे फैलाए खड़ा है। मैं पहले संग्रहालय देखने चल पड़ता हूं। कोई प्रवेश टिकट नहीं है।

दरअसल ये समुद्री चेतना केंद्र यानी मरीन इंटरसेप्शन सेंटर है। जो भी लोग रेड स्कीन या जॉली बॉय जाने के लिए आते हैं, वे यह सब कुछ देखकर समुद्री जीवन के बारे में पहले से जान सकें इस उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया है। इस छोटे से संग्रहालय में समुद्र, मैंग्रोव, वन और जलीय जीवों के बारे में सुंदर जानकारी समेटी गई है। 

महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क का कुल क्षेत्र 281.50 वर्ग किलोमीटर है। इसमें 60 वर्ग किलोमीटर भूमि क्षेत्र है बाकि हिस्सा पानी है। कुल 15 द्वीप में से सिर्फ दो सैलानियों के लिए खुले हैं। जॉलीबाय नवंबर से मई तक और रेडस्किन मई से नवंबर तक खुला रहता है। 
यहां सैलानियों को अनुमति देने का मकसद भी समंदर के बारे में लोगों को जागरुक करना और उन्हें संरक्षण की जरूरतों से अवगत कराना है। साथ ही यह दिखाना है कि वन विभाग प्राकृतिक संपदा को बचाने के लिए कैसे उपाय कर रहा है। यह संदेश देने की कोशिश भी है कि प्रकृति को बचाना हमारा हमारे मौलिक कर्तव्यों में शामिल होना चाहिए।

कौन कौन से द्वीप – जॉलीबॉय, मलय, रेडस्किन, बोट आईलैंड, राइफल मैन, हॉबडे, प्लूटो, एलेक्जेंड्रा, गरब, चेस्टर, स्नाब, बेले, तरमूगली, ट्विन्स, रूटलैंड।इनमें तरमूगली आकार में सबसे बड़ा है।

कैसे जंतु हैं पानी में – खारे पानी का मगर, लेदरबैक कछुआ, हरा कछुआ, आलिव रिडली कछुआ, ह़ॉक्सविल कछुआ, समुद्री गाय, मांटा रे, समान्य डालफिन, सफेद बेलिट सी ईगल।

खारे पानी का मगल अपना चौड़ा जबड़ा खोल कर धूप सेंकता है और तापमान को नियंत्रित करता है। अंग्रेजी में इसे सनिंग (SUNNNG) कहते हैं। कैंपस में एक आडिटोरियम है जिसमें बड़े स्क्रीन पर 20 मिनट का शो देखने का इंतजाम है। मैं अकेला सैलानी हूं जिसके लिए यह शो चलाया जाता है। अकेले आडिटोरियम में बैठे हुए बड़ा गर्व महसूस होता है। शो देखकर बाहर आता हूं। कैंपस में टायलेट का भी बेहतर इंतजाम है। अब तक कुछ नए सैलानी भी आ गए हैं। हमारे टिकट और परमिट की चेकिंग होती है। रेडस्किन पर पॉलीथीन प्लास्टिक की बोतलें बिल्कुल प्रतिबंधित हैं। पीने के पानी के लिए यहां मिल्टन की थर्मस बोतलें किराये पर मिलती हैं। दो सौ रुपये सिक्योरिटी और 5 रुपये किराया। मैं भी एक बोतल ले लेता हूं। तो चलें रेडस्किन के सफर पर फेरी वाला बुला रहा है।
- vidyutp@gmail.com 

(ANDAMAN, PORTBLAIR, REDSKIN, MARINE NATIONAL PARK,  )


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