Wednesday, September 7, 2016

समुद्रिका - अंदमान को जानने का अनूठा संग्रहालय ((28))

अंदमान निकोबार के मूल निवासी लोग, अंदमान के समुद्र में पाए जाने वाले जलीय जीवों के बारे में जानकारी लेनी हो तो समुद्रिका संग्रहालय, नेवल मरीन म्यूजियम से बेहतर जगह कोई और नहीं हो सकता। यह संग्रहालय गोलघर से हैडो जाने वाली सड़क पर डेलानीपुर के बाद हैडो जंक्शन से एक किलोमीटर पहले आता है। संग्रहालय सुबह 9.30 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। हर सोमवार को बंद रहता है। प्रवेश टिकट 50 रुपये है। बच्चों के लिए टिकट 25 रुपये का है। वहीं दिव्यांगों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।
यह संग्रहालय नौ सेना द्वारा प्रबंधित है। इसमें कुल पांच वातानूकुलित कक्ष हैं। परिसर बहुत सजा संवरा हुआ है। पीने के पानी और टायलेट्स के इंतजाम हैं। बैठकर देखने के लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन लगी है जिसपर ब्लू रे डिस्क के माध्यम से अंदमान पर केंद्रित फिल्मों का प्रदर्शन होता है।

तो चलिए चलते हैं समुद्रिका संग्राहलय घूमने। समुद्रिका आपको परिचित करता है मछलियों की अनूठी दुनिया से। अगले खंड में कोरल (प्रवाल) को देख सकते हैं। उनके बारे में जान सकते हैं। इससे आगे बढ़ें तो शंख, सीप सांप और कछुओं के बारे में जानकारी दी गई है। ये सारी चीजें यहां मूल स्वरूप में देखी जा सकती हैं। जनजातीय गैलरी में आप जारवा, ओंगी, शैंपेन जैसे अंदमान के जनजातियों के बारे में रोचक जानकारी पा सकते हैं। सबसे अंत में संग्रहालय का बिक्रय पटल हैं। यहां से आप अंदमान से जुड़ी कई तरह की यादगार वस्तुएं खरीद सकते हैं। इस शानदार संग्रहालय को देखने के लिए दो से तीन घंटे का वक्त जरूर निकालिए। संग्रहालय में अंदमान की बेशकीमती लकड़ी अंदमान पादुक का नमूना भी देख सकते हैं।

मछलियों वाली गैलरी में एक्वेरियम में सजी एक से बढ़कर एक मछलियां देखी जा सकती हैं। यहां आप लॉयन फिश जो आमतौर पर सात इंच लंबी होती है, को देख सकते हैं।  रीफ लोबस्टर,  एक अनूठी रंगीन मछली जिसके लंबे लंबे पंख होते हैं को यहां देखा जा सकता है।

अनूठी स्टोन फिश - और देखिए अनूठे स्टोन फिश को। यह जब किसी चट्टान के पास आसरा ले लेता है तो चट्टान और उस मछली का अंतर लोगों को समझ में ही नहीं आता क्योंकि यह देखने में चट्टान जैसा ही लगता है। इस मछली की चमड़ियां नहीं होती हैं और इसका वजन पांच पाउंड तक हो सकता है। एक और बात यह सबसे दुनिया के जहरीले मछलियों की सूची मे शामिल है।

 इसके आगे आप बैट फीश का नजारा कर सकते हैं जो चमगादड़ों की तरह किसी चट्टान का सहारा लेकर लटक सकते हैं।  आगे बढ़ने पर आप बटर फ्लाई फिश का नजारा कर सकते हैं। पीले और सफेद रंग की ये मछली किसी बटर फ्लाई की तरह पानी में उड़ती रहती है। इसके आंखों के पास धारियां होती हैं। बटरफ्लाई फिश के बच्चों को व्यस्कों में रंग और आकार में फर्क होता है।

पूरे संग्राहलय में 30 से ज्यादा मछलियों की वेराइटी मौजूद है। खास तौर पर बच्चे और मछलियों के शौकीन लोग इन्हें देर तक निहारते रहते हैं। सी फूड बड़े पैमाने पर लोगों का भोजन है। पर आपको पता हर मछली खाने लायक नहीं होती। कई मछलियां जहरीली भी होती हैं। वहीं कई मछलियां देखने में सुंदर होती हैं। वे एक्वेरियम की शोभा बढ़ाती हैं।
-         विद्युत प्रकाश मौर्य
(ANDAMAN, SAMUDRIKA, FISH, CORAL ) 


2 comments:

  1. विद्युत जी आपका हिन्दी ट्रैवल ब्लॉग शानदार है। देश मे कुछ गिने चुने ही हिन्दी ट्रैवल ब्लॉग्स है जिसमे से एक आपका है। इस हिन्दी ब्लॉग और मात्रभाषा मे देश विदेश की सैर कराने के लिए आप बधाई के पात्र है। निः संदेह आपका ब्लॉग शानदार है पर फिर भी मैं आपका शुभचिंतक होने के नाते कुछ सुझाभ देना चाहता हूँ। आशा है आप इन सुझाभो पर विचार करेंगे।
    1 आपका ब्लॉग पोस्ट्स को एससेस करना थोड़ा मुश्किल है। नई पोस्ट्स मे पुरानी पोस्ट्स की बैक लिंक न होने के कारण बार बार होम पेज पर जाना पड़ता है आप हर नई पोस्ट मे पुरानी पोस्ट्स की बै क लिंक डाले।
    2 आपके ब्लॉग का डीजाइन थोड़ा पुराना है साथ ही पोस्ट्स को भी अलग अलग व्यस्वस्तीत नही किया गया है आशा है आप अलग अलग श्रेणियों मे पोस्ट्स को व्यवस्तीत करेंगे।
    3 आप अपनी पोस्ट्स मे काफी काम फोटोस का उपयोग करते है एक आम पाठक ज्यदा से जयदा फोटो देख कर उस जगह को जान ना चाहता है आशा है आप जयदा फोटो लगाएंगे।
    आप अपने ब्लॉग को थोड़ा और एड़वेर्टीसे करे ताकि गूगल के फस्ट पेज पर आपका ब्लॉग आये और उसे एस्सेस करना आसान हो।
    कुछ ब्लॉग टिप्स के लिए आप मनु त्यागी और नीरज जाट के ब्लॉग देखे उनके ब्लॉग अच्छे है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद. आपके सुझाव पर ध्यान दूंगा।

      Delete