Thursday, August 4, 2016

और शेर अली ने लार्ड मेयो की हत्या कर दी... ((06))

माउंट हैरियट से लौटते हुए हमें बशीर भाई शेर अली का मेमोरियल दिखाते हैं। होप टाउन इलाके में समंदर के किनारे सड़क पर बने मेमोरियल में इतिहास की कुछ तारीखें और कुछ घटनाओं का जिक्र है। लार्ड मेयो ब्रिटिश भारत का अकेला गवर्नर जनरल रहा है जिसकी इस तरह से हत्या हुई।

वह 8 फरवरी 1872 का दिन था। ब्रिटिश गवर्नर जनरल लार्ड मेयो पोर्ट ब्लेयर के दौरे पर थे। वे माउंट हैरियट की ठंडी वादियों का चार घंटे तक लुफ्त उठाकर लौट रहे थे। उनके साथ सुरक्षा का पूरा लाव लश्कर मौजूद था। नीचे पानी घाट जेट्टि पर उनका जहाज इंतजार कर रहा था। यहां के प्राकृतिक नजारों में उनका मन रम गया था। वे यहां पर कुछ दिन रहने के बारे में चर्चा कर रहे थे। तभी जंगल की झाड़ियों में छिपा एक सख्श निकला। उसके पास चाकू था। उसने लार्ड मेयो पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते उसने लार्ड मेयो का पेट फाड़ डाला। और कुछ देर में मेयो का काम तमाम हो गया। मेयो ने अभी अपने जीवन का 50वां वसंत भी नहीं देखा था। इतने बड़े ब्रिटिश अधिकारी पर इतना खूंखार हमले की नजीर और कभी ब्रिटिश कालीन भारत के इतिहास में नहीं मिलती।

बंबू फ्लैट से नार्थ बे का नजारा। 
पर आखिर कौन था शेर अली उसने ऐसा क्यों किया। शेर अली एक पठान था। वह अफगानिस्तान का रहने वाला था। हालांकि वह सरकारी सेवा में था। पर घरेलू झगड़ों के कारण उसे काला पानी की सजा हो गई थी। पर सजा पूरी कर लेने के बाद भी शेर अली को अपने वतन जाने की इजाजत नहीं दी गई। इसके कारण उसके मन में ब्रिटिश हुकूमत को लेकर भारी गुस्सा था। सजा पूरी करने के बाद वह पानी घाट इलाके में नाई की दुकान चलाता था। लिहाजा उसे उस्तरा चलाने का इल्म था। उसने लार्ड मेयो पर जिस तरह वार किया उससे मेयो की वहीं तड़प कर मौत हो गई। लार्ड मेयो की मौत की खबर ब्रिटेन पहुंची। महारानी विक्टोरिया ने हत्या के आरोपी शेर अली तो तुरंत फांसी देने का आदेश दिया।
बाद में शेर अली को वाइपर द्वीप में फांसी पर लटका दिया गया। पर शेर अली की बहादुरी की कहानी अंदमान के हर द्वीप वासी की जुबान पर रहती है। बशीर भाई कहते हैं कि शेर अली को उसकी मां ने कहा था कि अगर तुमने मां का दूध पीया है तो अंगरेज अधिकारी से बड़ा बदला लेना है।
बंबू फ्लैट के पानी घाट इलाके में स्थित कैथोलिक चर्च। 
कुशल  प्रशासक था मेयो -  लार्ड मेयो की गिनती ब्रिटेन के कुशल प्रशासकों में की जाती है। पर 21 फरवरी 1822 को जन्मे लार्ड मेयो की हत्या महज 49 साल की उम्र में हो गई । रिचार्ड बुर्क उर्फ लार्ड मेयो को हिन्दुस्तान में कई सुधारवादी कार्यों के लिए भी जाना जाता है। वह 12 जनवरी 1869 से 8 फरवरी 1872 तक भारत का वायसराय रहा। उसके शासन काल में देश में 1872 में पहली बार जनगणना हुई। वह भारत का चौथा वायसराय और गवर्नर जनरल था। आयरलैंड का निवासी मेयो शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए जाना जाता है।
बंबू फ्लैट में बोट का इंतजार...

राजस्थान के अजमेर में उसके नाम पर मेयो कालेज आज भी देखा जा सकता है। जयपुर में उसके नाम पर एक मेयो हास्पीटल भी हुआ करता है पर उसका नाम बदल गया है। इलाहाबाद में मेयो हॉल और लाहोर में मेयो कॉलेज ऑफ आर्टस उसके नाम पर हैं।
अंदमान निकोबार के बंबू फ्लैट के होप टाउन इलाके मे 8 फरवरी 2006 को शेर अली की याद में सड़क के किनारे के मेमोरियल स्थापित किया गया है। ठीक उसी जगह पर जहां उसने लार्ड मेयो की हत्या की थी।

-विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com

( SHER ALI, ANDAMAN, BAMBOO FLAT, LORD MAYO, MOUNT HARRIET ) 



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