Monday, August 1, 2016

बेंबू फ्लैट द्वीप की सैर ((04 ))

अंदमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में मेरा पहला दिन है। हैडो में अपने होटल ड्रीम पैलेस से बाहर निकलता हूं। मेरे पास आधे दिन का समय है। कुछ देखने के लिए पैदल चलता हुआ चाथम पुल पार करता हूं। चाथम शॉ मिल को सुबह 2.30 से पहले ही देखा जा सकता है। मैं आगे बढ़ता हूं। एक बोट जेट्टि का पड़ाव दिखाई देता है। मोटर बोट जाने के लिए तैयार है। हल्की हल्की बारिश हो रही है। लोगों ने बताया कि यह बेंबू फ्लैट जा रही है। किराया 8 रुपये प्रति सवारी। बोट में आदमी के अलावा, मोटर बाइक, जीप, कार, जानवर सब कुछ लादने का इंतजाम है। सबके लिए अलग अलग टिकट। मैं भी एक टिकट लेकर बोट में सवार हो जाता हूं। 

बोट में मुझे बेंबू फ्लैट के निवासी तुषार मिलते हैं जो हमें इस द्वीप के बारे में बताते हैं। किसी जमाने में यहां बांस बहुतायत था इसलिए नाम पड़ा बेंबू फ्लैट। अब बांस कम हैं लोग ज्यादा रहते हैं। मुस्लिम आबादी ज्यादा है। बंबू फ्लैट की आबादी 10 हजार के करीब है। महिलाओं का अनुपात आबादी में ज्यादा है। सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक बेंबू फ्लैट के लिए बोट सेवा चलती है। 15 मिनट का रास्ता है बोट में। तुषार बताते हैं कि मौसम खराब होने पर ये सेवा बंद हो जाती है। बारहवीं में पढ़ने वाले तुषार मरीन इंजीनियर बनना चाहते हैं। दिन रात समंदर देखते हैं इसलिए समंदर से इश्क है उनका। बताते हैं कि उनकी दादा दादी चेन्नई में रहते हैं। कभी कभी उनसे मिलने अचानक जाना पडता है तो फ्लाइट का किराया एक तरफ का 23 हजार भी देना पड़ जाता है। पानी का जहाज तो तीसरे दिन पहुंचेगा, और जहाज हर रोज है भी नहीं।
बंबू फ्लैट में बशीर भाई  अपनी जीप के साथ। 

तमाम लोग अपनी बाइक के साथ बोट में सवार हैं। बंबू फ्लैट बोट जेटी के सामने अच्छा खासा बाजार है। हल्की बारिश के बीच शाम हो रही है। मैं एक दुकान में 10 रुपये के पकौड़े और 10 रुपये का एक मीठा पकौड़ा जो हमारे गांव के गुलौरा जैसा है खाता हूं। थोड़ी देर बाजार में घुमने के दौरान पता करता हूं कि यहां क्या घूमने लायक है।  बंबू फ्लैट में कई गांव हैं। हालांकि बंबू फ्लैट से पोर्ट ब्लेयर जमीनी रास्ते से भी पहुंचा जा सकता है पर इसके लिए 40 किलोमीटर चलना पड़ सकता है। लिहाजा बोट जेट्टि का सफर ही यहां की लाइफ लाइन है। बंबू फ्लैट में आटोरिक्शा और जीप चलते हैं किराये पर। यहां होप टाउन नामक इलाका है। इससे लगता हुआ इलाका है जहां एक प्रचीन  कैथोलिक चर्च है। आवर लेडी वेलोनिका सिरीन। चर्च की इमारत बाहर से काफी भव्य नजर आती है।

हमें रास्ते में एक कांजी हाउस भी देखने को मिला। वही कांजी हाउस जहां अावारा जानवरों को बंद करके रखा जाता है। बंबू फ्लैट उन शुरुआती द्वीप में से है जहां पर ब्रिटिश अधिकारियों के पांव पड़े। उनकी कई अच्छी बुरी स्मृतियां इस द्वीप से जुड़ी हुई हैं। इसके बारे में हम आगे बात करेंगे। हमारी मुलाकात यहां बशीर भाई ( 9933255946 ) से होती है। वे जीप ड्राईवर हैं पर उनका टूरिस्ट गाड़ियां चलाने का पुराना अनुभव है। बशीर भाई का बंबू फ्लैट में ही घर है। वे हमें 400 रुपये में माउंट हेरियेट समेत कुछ और दर्शनीय स्थल दिखाने पर तैयार हो जाते हैं। उनकी मांग जायज है। कहते गलत नहीं मांगता आखिर ऊपर वाले को जाकर जवाब भी तो देना है। तो मैं तैयार हो जाता हूं उनके साथ सफर के लिए। 

अंडमान के बंबू फ्लैट द्वीप में बंबू यानी बांस के साथ। 



  (अगली कड़ी में पढ़िए हरे भरे माउंटे हेरियेट चोटी की ओर ) -- vidyutp@gmail.com

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