Thursday, July 7, 2016

लेडी विलिंगटन पार्क बन गया लोदी गार्डन

लोदी गार्डन में सिकंदर लोदी की मजार
दिल्ली के बेहतरीन और अति सुंदर उद्यानों में से एक है लोदी गार्डन। अगर आपने यश चोपड़ा कीसिलसिला फिल्म देखी हो तो उसमें कुछ दृश्य इस लोदी गार्डन में फिल्माए गए हैं। वास्तव मे यह मध्यकालीन इतिहास क लोधी वंश के नाम पर लोधी गार्डन है पर आम बोलचाल में यह लोदी गार्डन हो गया है। ठीक इसके बगल में लोधी कालोनी और इंडिया हैबीटेट सेंटर हैं। आसपास के लोगों के लिए सुबह और शाम की सैर के लिए लोदी गार्डन मुफीद जगह है। पर लोदी गार्डन का अपना इतिहास है। 

लोदी गार्डन में सिकंदर लोदी की मजार
लोदी गार्डन के अंदर सिकंदर लोदी का मकबरा है, जिसके नाम पर इस गार्डन को ये नाम मिला है। दिल्ली के दिल में स्थित यह उद्यान 90 एकड़ में फैला है।  लोदी वंश का शासन उत्तर भारत, पंजाब और वर्तमान पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा तक फैला था। सिंकदर लोदी के मकबरे को उसके बेटे इब्राहिम लोदी ने 1517 में बनवाया था। बहलोल लोदी के बेटे सिकंदर लोदी ने 1489 से 1517 तक शासन किया। वह लोदी वंश का महान शासक था। पानीपत की पहली लड़ाई में बाबर से पराजित हुए सिंकदर लोदी के बेटे इब्राहिम लोदी की मजार पानीपत में है। 

सिकंदर लोदी का मकबरा विशाल अहाते के अंदर उद्यान में स्थित है। इसका क्षेत्रफल 76 वर्ग मीटर है। इसकी बाहरी दीवारें 3.5 मीटर ऊंची हैं। सामने बने वर्गाकार चबूतरे पर बनी दो नीली छतरियों में अब भी नीली टाइलों के अवशेष बचे हैं। अहाते के अंदर पश्चिमी दीवार के मध्य भाग का निर्माण कुछ इस तरह किया गया है कि यह दीवार मसजिद का भी काम कर सके। अहाते के बीचों बीच अष्टभुजाकार मकबरा है।  इसके अंदरुनी भाग में टाइलों पर सुंदर काम किया गया है। छत के अंदरुनी भाग पर पलस्तर को उकेर कर चित्रकारी की गई है।  
लोदी गार्डन में तीन गुंबदों वाली मसजिद 

लोदी गार्डन में तीन गुंबदों वाली एक मसजिद भी है। लोदी गार्डन को उद्यान का शक्ल देने का श्रेय ब्रिटिश शासकों को जाता है। जहां आज उद्यान है कभी यहां दो गांव बस गए थे। पर 1936 में इन गांवों को यहां से दूसरी जगह विस्थापित करके लोदी गार्डन को विकसित किया गया। 9 अप्रैल 1936 को भारत के गवर्नर जनरल एम विलिंगटन की पत्नी के नाम पर इसका नाम लेडी विलिंगटन पार्क रखा गया। पर देश आजाद होने के बाद इसे लोदी गार्डन नाम मिला।

ग्लास हाउस - 1968 में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के डिजाइनर जे एस स्टेन ने लोदी गार्डन के अंदर ग्लास हाउस का निर्माण कराया साथ ही इस उद्यान को और सुंदर बनाने के लिए इसके डिजाइन में कुछ बदलाव किए। गार्डन के अंदर औषधि पार्क में कई तरह की आयुर्वेदिक औषधियां भी देखी जा सकती हैं। यहां ग्रीन हाउस भी देख सकते हैं।

एक भूला बिसरा स्मारक - सैय्यद शाह का मकबरा
लोदी गार्डन में मुहम्मद शाह की मजार
हरे भरे इस उद्यान के अंदर कुछ ऐतिहासिक स्मारक भी मौजूद हैं। इनमें से एक है सैय्यद वंश के शासक शाह मुहम्मद का मकबरा। सैय्यद वंश ने दिल्ली की गद्दी पर थोड़े समय के लिए शासन किया। उनका समय 1414 से 1451 के बीच का रहा।  उनकी राज्य की सीमाएं सीमित थीं। उनके पास बड़े बड़े आलीशान महल बनवाने के लिए पैसा भी नहीं था। पर यह मकबना उनके द्वारा बनवाए गए अनूठे वास्तुकला का नमूना है। इसे तीसरे सैय्यद शासक मुहम्मद शाह ने बनवाया था। उसने 1434 से 1444 के मध्य शासन किया था। 

इस मकबरे की विशेषता है इसकी अष्टकोणीय संरचना। प्लस्तर पर की गई सजावटी नक्काशी, डिजाइनर दरवाजे, छतों पर नक्काशियां सुंदर है। इसका केंद्रीय कक्ष 15 मीटर का है जिसमें कई कब्रें मौजूद हैं। इसमें बीचों बीच बनी कब्र को मुहम्मद शाह का माना जाता है। बाकी कब्रें उसके परिवार के सदस्यों की हो सकती हैं। लोदी गार्डन के अंदर शीशा गुंबद और बड़ा गुंबद जैसे ऐतिहासिक स्मारक भी देखे जा सकते हैं।
लोदी गार्डन की हरियाली आपका मन मोह लेगी। इस पार्क की देखभाल नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) करता है। पार्क में आप कई किस्म की वनस्पतियां और फूलों की सुंदर क्यारियां भी देख सकते हैं। पार्क में कुल 154 किस्म के कुल 5400 पेड़ पौधे हैं। सुबह पार्क मार्निंग वाकर्स से तो दोपहर में प्रेमी युगलों से शाम को सैलानियों से गुलजार रहता है।

अनूठा बोनसाई गार्डन - पार्क के अंदर एक अनूठा बोनसाई गार्डन भी है। बोनसाई पौधों को छोटा रखने की जापानी पद्धति है। यहां पर कई किस्म के पौधे बोनसाई उद्यान में देख सकते हैं। शाम को डूबते हुए सूर्य की रोशनी में बोनसाई उद्यान के पौधों का सौंदर्य देखने लायक होता है। लोदी गार्डन स्थित नेशनल बोनसाई पार्क साल में एक बार विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन करता है। लोदी गार्डन स्थित नेशनल बोनसाई पार्क की स्थापना 6 अप्रैल 1996 को की गई थी। वैसे इंडियन बोनसाई एसोसिएशन की स्थापना 1981 में हुई थी। इसके संस्थापक डा. हुसैन तेयभोय और लीला ढांडा थे।
( BONSAI, LODI GARDEN, SIKANDAR LODI )

लोदी गार्डन - ये हरियाली और ये रास्ता। 

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