Thursday, July 28, 2016

हनुमान बदलकर हो गया अंदमान ((01))

पोर्ट ब्लेयर का वीर सावरकर हवाई अड्डा.
अंदमान निकोबार भारत का एक केंद्र शासित राज्य है, पर यह बाकी सब राज्यों से काफी अलग है। यह कुल 572 द्वीपों का एक समूह है। यह सामरिक दृष्टि से भारत देश के लिए काफी महत्वपूर्ण है। भारत के किसी भी मुख्य स्थलीय शहर से अंदमान की अच्छी खासी दूरी है। यह दक्षिण के शहर चेन्नई से तकरीबन 1200 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित द्वीपों का समूह है। पर अंदमान के पोर्टब्लेटर से म्यांमार का यांगून शहर महज 600 किलोमीटर है तो इंडोनेशिया का बंदा एस 743 किलोमीटर है,  वहीं थाईलैंड का फुकेट 897 किलोमीटर है। इसलिए अंदमान निकोबार द्वीप समूह का भारत के लिए सामरिक महत्व है।यह भारत के कोलकाता से 1286 किलोमीटर तो विशाखापत्तनम से दूरी 1200 किलोमीटर है। 


एक मजेदार बात और .अंदमान के इंदिरा प्वाइंट जो भारत का आखिरी छोर है वहां से इंडोनेशिया का बंदा एस महज 150 किलोमीटर की दूरी पर है। इसलिए अंडमान जाना देश के किसी भी और हिस्से पर जाने की तुलना में ज्यादा समय लेने वाला है, साथ ही महंगी यात्रा भी है। पर अंदमान का सेल्युलर जेल जिसे कभी काला पानी कहा जाता था, वहां के सुंदर द्वीप जो सैकड़ों किस्म के जल जीवों की सुंदरता समेटे हुए हैं को देखना जीवन का अत्यंत मनोहारी अनुभव हो सकता है। अंदमान में कई द्वीपों पर आप सैकड़ों किस्म के प्रवाल ( CORAL )  देख सकते हैं। 

पोर्ट ब्लेयर के हैडो में हनुमान जी की प्रतिमा 
अंडमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर है जो इसका मुख्य शहर है। यह एक बंदरगाह शहर है और यहां हवाई अड्डा भी है। केंद्र शाशित प्रदेश अंडमान देश को एक लोकसभा सदस्य चुनकर भेजता है। एक ऐसा प्रदेश जहां की मातृभाषा हिंदी है। ऐसा प्रदेश जहां तमिलनाडु, केरल, बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ से गए हुए लोग रहते हैं। ऐसा प्रदेश है जो जारवा आदिवासी और निकोबारी और शैंपेन आदिवासी समूहों के लिए जाना जाता है। अंडमान भारत का चमकता हुआ मणि हैं। अंडमान में कुल तीन जिले हैं, इसका दायरा 8249 वर्ग किलोमीटर में फैला है। आबाादी की बात करें तो 4 लाख के करीब है। 

कहा जाता है कि अंडमान नाम हनुमान जी के नाम पर पड़ा है। इंडोनेशिया के मलय भाषा में हनुमान को हंडमान कहते हैं जो थोड़ा बदलकर अँडमान हो गया। कहा जाता है कि राम की सेना पहले लंका पर चढ़ाई अंडमान से ही करना चाहती थी पर बाद में रणनीति बदलकर तमिलनाडु के धनुषकोडि से धावा बोला गया। 


पोर्ट ब्लेयर के लामा लाईन में स्वामी  विवेकानंद की प्रतिमा 
अपने देश से अंदमान जाने के लिए पानी के जहाज कोलकाता, विशाखापत्तनम और चेन्नई से चलते हैं। इनका हर माह का शेड्यूल अग्रिम तौर पर जारी किया जाता है। जहाज की यात्रा 50 से 60 घंटे की है। कोलकाता से कोई 60 घंटे, विशाखापत्तनम से 50 घंटे तो चेन्नई से 55 घंटे लगते हैं। मौसम के उतार चढ़ाव के साथ ये समय ज्यादा भी हो सकता है।इससे सुगम हवाई यात्रा हो सकती है। हवाई यात्रा के लिए भी कोलकाता, चेन्नई और विशाखापत्तनम से रोज कई विमान सेवाएं हैं। इनमे एयर इंडिया, गो एयर, जेट एयरवेज, इंडिगो, स्पाइसजेट आदि कंपनियों की विमान सेवा पोर्ट ब्लेयर के लिए हर रोज है। विमान का औसतन किराया दिल्ली से 10 हजार रुपये एक तरफ का रहता है। तुरंत का किराया इससे ज्यादा भी हो सकता है। वहीं कई महीने पहले बुकिंग कराएं तो इससे कम भी हो सकता है। अंडमान एक ऐसा राज्य है जहां सालों भर देश विदेश से सैलानी आते हैं।
तो चलिए चलते हैं अंडमान निकोबार के दौरे पर।  
-vidyutp@gmail.com

(ANDAMAN, PORT BLAIR, UT, SHIP, SEA, CORAL ) 

4 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 'क्या सही, क्या गलत - ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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  2. Replies
    1. सर लौटकर आया हूं पोर्ट ब्लेयर से लगातार लिख रहा हूं पढ़ते रहिए. हौसला बढ़ाते रहिए।

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