Saturday, July 30, 2016

पोर्ट ब्लेयर की सड़कों पर... ((03))

पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही मुख्य सड़क आ जाती है। एयरपोर्ट के बाहर टैक्सी वाले और आटो रिक्शा वाले खडे थे। पर मेरे पास एक पिट्ठू बैग था। मुझे पहले से जानकारी थी कि एयरपोर्ट के सामने लांबा लाइन पर बसें चलती रहती हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर बांयी ओर मुड़े तो बाथू बस्ती का इलाका है। दाहिनी तरफ लामा लाइन और मुख्य बाजार की जाती हुई सड़क। मुख्य सड़क पर पोर्ट ब्लेयर नगर परिषद आपका स्वागत करता है का बोर्ड लगा हुआ दिखा देता है।

थोड़ी दूर पैदल चलने पर डेयरी फार्म तिराहा आता है। यहां पर के कामराज की विशाल प्रतिमा लगी है। तमिलनाडु के निर्माता के कामराज की यहां भी बहुत इज्जत है। तमिल आबादी उनका बहुत सम्मान करती है। संयोग से मेरी पोर्ट ब्लेयर यात्रा के दौरान कामराज का जन्मदिन ( 15 जुलाई ) भी आया। तब कामराज की प्रतिमा पर फूल चढ़े दिखाई दिए। पर आगे बढ़ने से पहले नारियल पानी पीने का ख्याल आया। डेयरी फार्म से मैं बस लेता हूं। पांच रुपये का टिकट लेकर गोलघर उतर जाता हूं। इससे पहले जंगली घाट का इलाका आता है। जंगली घाट एयरपोर्ट से निकट का सबसे मुफीद इलाका है जहां आप ठहर सकते हैं। महज एयरपोर्ट से आधे किलोमीटर की दूरी पर स्थित जंगली घाट में कई होटल हैं। मुझे होटल प्राइड नजर आता है जिसके नीचे एचडीएफसी बैंक की शाखा है। जंगली घाट इलाके में हीरो और होंडा मोटर्स के शो रुम हैं। अब अंडमान में बड़ी कारों और एसयूवी के भी शोरूम नजर आते हैं।

गोलघर चौराहा है जहां से अबरडीन बाजार और हैडो के लिए रास्ता बदलता है। मैं हैडो वाला रास्ता चुनता हूं। पैदल ही आगे बढ़ता हूं। पोर्ट की सड़के नापने का इरादा है। प्रेम नगर जंक्शन आता है। इसके बाद डिलानीपुर जंक्शन। [डिलानीपुर से एक रास्ता आकाशवाणी की ओर जाता है। आकाशवाणी द्वीप के लोगों के लिए संचार का बड़ा माध्यम है। आगे बढ़ने पर समुद्रिका मरीन म्यूजियम, अंडमान टील हाउस दिखाई देते हैं। ये टील हाउस डाक्टरों का आवास है। इसके आगे हैडो मिनी जू आता है। इसके बाद हनुमान जंक्शन, पानीपत रोड। अरे यहां भी पानीपत है। पानीपत ही नहीं कालीकट और रांची बस्ती भी है पोर्ट ब्लेयर में। 

एक तमिल माध्यम का सरकारी स्कूल आता है पर साईनबोर्ड हिंदी में है। और मैं पहुंच गया हूं हैडो जंक्शन । ठीक हैडो जंक्शन पर ही होटल ड्रीम पैलेस। इसे मैंने गोआईबीबो डाट काम पर अत्यंत रियायती दरों पर बुक किया था। हमारी मुलाकात होटल के प्रोपराइटर सरदार मनदीप सिंह जी से होती है। मैं अकेला हूं पर मुझे वो कमरा नंबर 102 आवंटित करते हैं जो ट्रिपल बेड का है। अगले छह दिन मैं इसी कमरे में ठहरूंगा। अटैच टायलेट के साथ कमरे की खिड़की से हरे भरे नारियल के पेड़ दिखाई देते हैं। होटल में एक बार और रेस्टोरेंट भी है। बार मेरे काम का नहीं और रेस्टोरेंट इन दिनों कम सैलानियों के कारण बंद है। 

दोपहरी में पैदल चलकर पसीना-पसीना हो गया हूं। सो होटल के कमरे में जमकर नहाने के बाद निकल पड़ता हूं घुमने के लिए। भूख नहीं लगी है अभी। पेट पूजा तो बार-बार एयर इंडिया के सौजन्य से आसमान में ही कर चुका हूं।

( ANDAMAN, PORT BLAIR, HOTEL DREAM PALACE, HADDO )
पोर्ट ब्लेयर में  जंगली घाट की सड़क और होटल प्राइड रेसीडेंसी। 
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