Tuesday, June 7, 2016

पठानकोट से हिमाचल की ओर...

पठानकोट रेलवे स्टेशन पर।
पठानकोट पंजाब का सबसे संवदेनशील शहर। कई बार आ चुका हूं पठानकोट। शहर के एक तरफ जम्मू कश्मीर दूसरी तरफ पाकिस्तान तो तीसरी तरफ हिमाचल है। इस बार हम हिमाचल की ओर मुखातिब थे। पठानकोट जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लोगों ने बताया कि बस स्टैंड पहुंचने का शार्टकट है। हम रेलवे कालोनी से होते हुए मुख्य सड़क पर आ गए। सामने बस स्टैंड था। जिन शहरों में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन आसपास हों तो आवाजाही का समय बचता है। पठानकोट में वैसे दो रेलवे स्टेशन हैं। पुराना चक्की बैंक रेलवे स्टेशन का नाम अब पठानकोट छावनी हो गया है। जम्मू जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें छावनी से होकर गुजरती हैं। 

पठानकोट का सिंबल चौक। 
बस स्टैंड में हमें तुरंत चंबा की ओर जा रही बस मिल गई। उसमें आसानी से मनचाही सीटें भी मिल गईं। माधवी और वंश पहाड़ों का सफर होने के कारण कुछ खाना नहीं चाह रहे थे। दस बजे हिमाचल रोडवेज की बस चंबा की चल पड़ी। पठानकोट का मिलिट्री एरिया और चक्की नदी पर पुल को पार करके बस सिंबल चौक होते हुए मामून कैंटोनमेंट एरिया की ओर बढ़ी। इस दौरान बस का मार्ग कांगड़ा वैली रेल (नैरोगेज) के समानांतर कुछ किलोमीटर तक चलता है। 

पठानकोट शहर में भी अब शापिंग मॉल बन गए हैं। हमें रास्ते में नावेल्टी मॉल दिखाई देता है। 10 किलोमीटर आगे डलहौजी रोड रेलवे स्टेशन दिखाई देता है। यह स्टेशन चक्की में है। बस यहां से मुड़ जाती है चंबा मार्ग पर।  

पठानकोट से डलहौजी 80 किलोमीटर है। बनीखेत की दूरी 74 किलोमीटर है। बस एनएच 154ए पर चल रही है। चक्की  बाद से ही पहाड़ी रास्ते शुरू हो जाते हैं। जांडवाल, बंगाल, बधानी, धार कलां, नियारी, ममलादा जैसे पंजाब के छोटे छोटे पड़ाव आते हैं। ये इलाका अब पठानकोट जिले में है। पहले गुरदासपुर जिले में था।

दुनेरा में आम पापड़ का स्वाद 
दुनेरा बड़ा स्टाप आता हैं। यहां चंबा आने जानेवाली बसें 20 मिनट जरूर रूकती हैं। ड्राईवर लोग भोजन करते हैं। पर दुनेरा प्रसिद्ध है आम पापड़ के लिए। काला रंग का खट्टा आम पापड़ और पीले रंग का मीठा आम पापड़। कम से कम 10 रुपये का भी खरीद सकते हैं। किलो के हिसाब से लें तो 100 से 400 रुपये किलो तक मिलता है क्वालिटी के हिसाब से। आते जाते हमने भी आम पापड़ा का स्वाद लिया। थोड़ा पैक भी करा लिया। दुनेरा के आसपास के गांव में आम पापड़ बनाने का कारोबार होता है। दुनेरा के बाद बस हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में प्रवेश कर जाती है।


कटोरी से हिमाचल शुरू हो जाता है। कटोरी 700 मीटर की ऊंचाई पर है। इसके बाद तुनुहाटी बैरियर आता है। नैनी खड्ड में में काफी तीखे मोड़ आते हैं। तीन घंटे का सफर के बाद बस हमें बनीखेत में उतार देती है। हम 1700 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गए। मई की दोपहर में भी मौसम सुहाना है। हमारा होटल सहारा इन ( HOTEL SAHARA INN) बिल्कुल बस स्टैंड के पास ही डलहौजी रोड पर है। इसे हमने स्टेजिला डाट काम  (https://www.stayzilla.com/ ) से बुक किया है। होटल की मालकिन आती हैं हमारा बुकिंग वाउचर देखती हैं और हमें होटल के सामने सड़क के उस पर मारूति के शोरूम वाली बिल्डिंग में भेजती हैं। यह होटल का एक्सटेंशन है। हमारा कमरा विशाल है। बाथरूम भी काफी बड़ा है, कमरे लगी बालकोनी और आसपास में हरियाली।


(PUNJAB, HIMACHAL, BANIKHET, DUNERA, AAM PAPAD ) 

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