Wednesday, June 15, 2016

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा....

एक सपनीली दुनिया है खजियार मैदान में। खजियार ग्राउंड को देखकर कई फिल्मों के दृश्य अचानक ही जेहन में याद आने लगते हैं। अपने अनूठ सौंदर्य के कारण खजियार का सौंदर्य बालीवुड के निर्माताओं को हमेशा अपनी ओर खींचता है। 1942 लव स्टोरी फिल्म का गीतएक लड़की को देखा तो ऐसा लगा...जैसे खिलता गुलाब...के कुछ दृश्यों  खजियार के नजारे दिखाई देते हैं। इसके बाद सुपर हिट फिल्म गदर में भी खजियार दिखाई देता है। आपको फिल्म कुछ कुछ होता है तो याद होगा..इसमें शाहरुख खान जब बच्चों के कैंप में पहुंचते हैं। कुछ कुछ होता है कि कई नजारे खजियार में शूट किए गए हैं। विशाल भारद्वाज की फिल्म ब्लू अंब्रेला में खजियार दिखाई देता है।  इसलिए जब आप खजियार पहुंचते हैं को एक सपनीली दुनिया जीवंत हो उठती है।

खजियार ग्राउंड का सबसे लोकप्रिय मनोरंजन घुड़सवारी है। ग्राउंड का पूरा चक्कर लगाएं तो यह तीन किलोमीटर का फेरा होता है। इस दौरान घोड़े वाले आपको फिल्मों की शूटिंग में कैद हुए नजारों के बारे में बताते हैं। घोड़े वाले एक व्यक्ति को घुमाने का 300 रुपये मांगते हैं। आप दरों में मोलभाव कर सकते हैं।

यहां आप मूविंग बैलून राइड का मजा ले सकते हैं। सफेद रंग के बैलून में दो लोग एक साथ चक्करघिन्नी करते हुए घूम सकते हैं। हालांकि यह कई लोगोंको मुश्किल भरा लगता है। एक आदमी के लिए शुल्क है 200रुपये। इसके अलावा आप पारा ग्लाइडिंग का भी मजा ले सकते हैं।

बच्चों के लिए यहां हवा में उछलने वाले गेम हैं। पचास रुपये में 20 मिनट उछलने का मजा लें। अनादि तो 20 से बजाए 50 मिनट तक झूलते रहे। अगर कुछनहीं करना है तो पार्क में पैदल यहां से वहां घूमते रहें। झील के आसपास बैठने के लिए बेंच बनाई गई है। इसके ऊपर शेड्स भी हैं। इन शेड में बैठकर आप झील की मछलियों को चहलकदमी करते हुए देख सकते हैं।  

खजियार में खाना पीना – अगर भूख लग गई है तो कुछ खाने का आनंद लें। झाल मूड़ी मिल जाएगी। अगर कुछ स्वस्थकर खाना चाहते हैं तो पहाड़ी मूली का मजा लें। इसके साथ ही भुट्टा भी खा सकते हैं। 

होटलों के अलावा पार्किंग की तरफ कुछ खाने पीने के स्टाल हैं यहां पर आप पराठे, चावल, चाय, अंडा, आमलेट आदि का स्वाद ले सकते हैं। यहां एक हिम बुनकर का भी स्टाल हैं जहां से कुल्लू के शाल और दूसरे गर्म कपड़े खरीद सकते हैं।

बेटे अनादि को खजियार इतना पसंद आ गया कि बोले कि यहां के स्कूल में मेरा एडमिशन करा दो मैं यहीं रह जाऊंगा। पर ग्राउंड में एक प्राइमरी स्कूल है जहां पांचवी तक के बच्चे पढ़ते हैं। खजियार में हमारा तीसरा दिन था। हल्की हल्की बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। होटल से चेकआउट कर हम बस का इंतजार कर रहे हैं। बस स्टाप पर वर्षा आश्रय स्थली नहीं बनी है। हमलोग भींग रहे हैं। हमे वही बस मिली जिससे हम कुछ दिन पहले यहां आए थे। अब हम चंबा जा रहे हैं। ग्राउंड खत्म होने के बाद भी कुछ होटल और गेस्ट हाउस दिखाई देते हैं। यहां पर शिव की एक विशाल मूर्ति लगाई गई है। हम शिव को प्रणाम कर आगे के सफर पर चल पड़ते हैं।
-vidyutp@gmail.com

(KHAJJIYAR, CHAMBA, FOOD, FILMS, SONG ) 

आगे पढ़िए - खजिनाग मंदिर... खजियार के नाग देवता...

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