Wednesday, April 27, 2016

अति व्यस्त रेलवे स्टेशन पर कायम है स्वच्छता - विजयवाड़ा

वैसे तो विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश का सबसे भीड़भाड़ वाला रेलवे स्टेशन है। स्टेशन पर कुल 10 प्लेटफार्म हैं। रोज सैकड़ो गाड़ियां गुजरती हैं। पर स्टेशन पर साफ सफाई का जो आलम है उसमें रेलवे को धन्यवाद देने का जी चाहता है। हमारी मिलेनियम एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर 7 पर पहुंची। समय से पहले। हमारे पास दो घंटे का समय था। कुल 29 घंटे ट्रेन में था। विजयवाड़ा शहर का तापमान मार्च महीने में 35 को पार कर रहा था। लिहाजा नहाने की इच्छा हो रही थी। मैं प्लेटफार्म नंबर एक पहुंचता हूं। आमतौर पर हर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक की तरफ ही मुख्य प्रवेश द्वार होता है। रास्ते में देखता हूं कि हर प्लेटफार्म पर उतरने के लिए एक्सिलेटर यानी स्वचालित सीढ़ियां लगाई जा चुकी हैं। प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच कर शौचालय पूछता हूं। थोड़ी देर बाद में बाथरूम कांप्लेक्स के सामने हूं। स्नान करने का 15 रूपये। साफ सुथरा बड़ा बाथरूम है। अंदर ही बैग कपड़े आदि टांगने की इंतजाम है। मैं जी भर के नहाकर गर्मी और थकान मिटाता हूं। इसके बाद प्लेटफार्म का मुआयना करता हूं। जूस, छाछ और नास्ते के स्टाल हैं। विजया मिल्क का स्टाल है। मैं छाछ पीता हूं। आठ रुपये का नमकीन छाछ।  50 रुपये वेज बिरयानी मिल रही है।एक पैकेट खरीदता हूं। जनरल वेटिंग हाल भी अति विशाल बना है। सभी जगह पंखे चल रहे हैं। जगह-जगह मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट भी है। बिरयानी खाकर आराम फरमा रहा हूं। बगल में कमसम का भी रेस्टोरेंट है। इसका मीनू भी विविधतापूर्ण है। तभी सोचता हूं थोड़ा सा स्टेशन के बाहर भी घूम लेता हूं।

बाहर से विजयवाडा रेलवे स्टेशन की सफेद रंग की इमारत अति भव्य दिखाई देती है। इमारत की चौड़ाई तकरीबन आधा किलोमीटर में है। परिसर में एक घंटा घर ( क्लाक टावर ) है। स्टेशन परिसर में आटो लेने के लिए प्रीपेड बूथ बना हुआ है। मैं वापस आकर वेटिंग हाल में बैठ जाता हूं। मेरे सामने सातवाहन एक्सप्रेस, हटिया सिकंदराबाद एक्सप्रेस, विशाखापत्तनम सिकंदराबाद एक्स्प्रेस जैसी ट्रेनें गुजर जाती हैं। शाम को गांधी हिल्स से विजयवाड़ा स्टेशन को देखता हूं। वहां पूरे रेलवे स्टेशन का विहंगम नजारा दिखाई देता है। आती जाती रेलगाड़ियां छोटी-छोटी दिखाई देती हैं। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 10 की तरफ से प्रवेश द्वार और टिकट घर है। प्लेटफार्म नंबर 10 के ठीक सामने एक चर्च है । इसी के बगल से गांधी हिल्स पर चढाई करने का रास्ता भी है। बीच में स्टेशन को साइकिल और पैदल पार करने के लिए रैंप भी बना हुआ है। स्टेशन पर विकलांगों के लिए रैंप का भी इंतजाम है।    
   
 विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों का संचालन 1888 में आरंभ हुआ। आज की तारीख में यह मुंबई सेंट्रल के बाद देश का दूसरा सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन गिना जाता है। यह साउथ सेंट्रल रेलवे जोन में आता है। इसका स्टेशन कोड  BZA  है। यहां से चार सेक्शन के लिए रेलगाड़ियां मिलती हैं। विजयवाड़ा-गुडिवाडा, विजयवाड़ा- गुडुर, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा-काजीपेट खंड।  
vidyutp@gmail.com 

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