Friday, January 22, 2016

मोमोज, रोल, समोसा, पूड़ी सब कुछ खाए गंगटोक में

जब आप दार्जिंलिंग जाते है और अगर आप शाकाहारी हैं तो खाने पीने के कम विकल्प नजर आते हैं। पर सिक्किम की राजधानी गंगटोक में ऐसा नहीं है। यहां पर हर सड़क पर शाकाहारी भोजन का विकल्प मौजूद है। कई जगह तो यूपी बिहार की तरह आपको पूड़ी सब्जी और समोसा खाने के मिल जाएगा। स्वाद भी बिल्कुल बिहार और यूपी जैसा। न सिर्फ एमजी रोड पर बल्कि देवराली बाजार तक आपको अपनी पसंद का खानापानी मिल सकता है। चाहे आप मोमोज के शौकीन हों या फिर अलग अलग तरह के रोल्स के या फिर शाकाहारी थाली के, आप निराश नहीं होंगे।

सबसे पहले बात शाकाहारी थाली की। वैसे तो एमजी रोड पर परिवार यहां का सबसे लोकप्रिय शाकाहारी फूड ज्वाएंट है। पर ये थोड़ा महंगा है। हालांकि वहां सैलानियों की भीड़ उमड़ती है। लेकिन यहां पर कई मारवाडी बासा भी हैं। परिवार के ठीक उल्टी तरफ दूसरी मंजिल पर लक्ष्मी मारवाड़ी बासा में पहुंचे। सौ रूपये की अनलिमेटेड थाली का आनंद लें। घी लगी चपाती, चावल, दाल, तीन तरह की सब्जियां और पापड़ छक कर खाएं। सुबह और शाम के मीनू में थोड़ा अंतर रहता है। इसी तरह का दूसरा स्थान भी है परिवार के बगल में सीढ़ियां उतरिए। शर्मा भोजनालय। यहां भी 100 रुपये थाली खा सकते हैं अनलिमिटेड। चाहें तो अलग अलग व्यंजनों का भी आर्डर कर सकते हैं। सभी जगह गर्म ताजा खाना और पीने के लिए गर्म पानी मिल जाता है। डेकोरेशन बहुत शानदार नहीं पर खाने से निराश नहीं होंगे। सिक्किम टूरिज्म की ओर से संचालित रसोई वेजटेरियन एमजी रोड पर स्थित है। इसका इंटिरियर शानदार है। पर दरें थोड़ी ऊंची हैं। सिक्किम के ज्यादातर होटलों में भी रेस्टोरेंट हैं। हमारे होटल निर्वाण रीजेंसी में रेस्टोरेंट था। हालांकि मैंने यहां कभी नहीं खाया।

एमजी रोड पर कंचन फास्ट फूड – एमजी रोड पर चलते हुए एक दुकान नजर आती है  कंचन फास्ट फूड। समोसा दस रुपये में। सुबह के नास्ते में पूड़ी सब्जी मिलती है तो लोगों के मांग के अनुरूप मोमोज भी बनाते हैं। कंचन फास्ट फूड वाले दुर्गा प्रसाद शाह बिहार के आरा के रहने वाले हैं। 1992 से इधर दुकान चला रहे हैं। वे किसिम किसिम के रोल, ब्रेड पकौड़ा आदि भी बनाते हैं। कहते हैं सिक्किम में आकर मोमोज नहीं खाया तो क्या खाया।
डेज स्वीट्स – एमजी रोड पर ही डेज स्वीट्स बेहतरीन दुकानों में से हैं। यहां आप सुबह नास्ते में पूड़ी सब्जी खा सकते हैं। 35 रुपये में बेहतरीन नास्ता। इसके अलावा आप कई तरह की मिठाइयां खरीद सकते हैं। उनका स्वाद लाजवाब है। ये शाकाहारी दुकान है।
नारायण स्वीट्स की विरासत – मिठाइयों के लिए नारायण स्वीट्स पहुंचे। गंगटोक के एमजी रोड में ये दुकान 1965 से है। हालांकि दार्जिलिंग में नारायण स्वीट्स तो 1877 से ही है। यहां भी आप मिठाइयों के अलावा सुबह के नास्ते में कई वेराइटी का आनंद ले सकते हैं।
रोल हाउस –  एमजी रोड पर रोल हाउस में भी खूब भीड़ उमडती है। रोल हाउस परिवार के उल्टी तरफ है। गंगटोक में लोगों को अलग अलग तरह के रोल खाना खूब पसंद है। इसमें वेज रोल, एग रोल, चिकेन रोल से लेकर कई किस्म के रोल हो सकते हैं। रोल के आगे सरदी के बीच पेस्ट्री और आईस्क्रीम के दीवाने भी कम नहीं दिखाई देते।
झालमूड़ी वाले – लाल मार्केट के बाहर चौराहे पर कई झालमूडी वाले दिखाई देते हैं। पटना की तरह चनाजोर गरम खाइए, दस रुपये में। पर चनाजोर गरम खाने के लिए आपको चम्मच भी देते हैं ताकि हाथ गंदे न हों। वहीं कंचनजंगा शापिंग कांपलेक्स में सब्जी बाजार के बीच में कुछ बिहारी दुकानदार हैं जो गोलगप्पे भी शानदार बनाते हैं।

-vidyutp@gmail.com ( GANGTOK,  FOOD,  SAMOSA,  MOMOS,  PURI,  GOLGAPPA) 
( अगली कड़ी में चलिए नाथुला की ओर..... ) 

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