Wednesday, January 20, 2016

गंगटोक - एमजी रोड की सुबह सुहानी... शाम रंगीन

सुबह सुहानी है तो शाम रंगीन.. एक किलोमीटर लंबी सड़क हर रोज नए किस्से बुनती है.. पात्र बदल जाते हैं पर रौनक बरकरार रहती है। सरदी गरमी बरसात कोई भी मौसम हो कोई फर्क नहीं पड़ता. ये गंगटोक का एमजी रोड है। एमजी रोड यानी महात्मा गांधी रोड। वैसे तो देश के ज्यादातर शहरों में महात्मा गांधी के नाम पर सड़के हैं। पर एमजी रोड उनमें से अलग है। रोड पर बापू की दो प्रतिमाएं भी हैं। एक आवक्ष प्रतिमा है तो दूसरी आदमकद। दोनो में बापू मुस्कुराते नजर आते हैं। यहां बापू के शर्मिंदा होने का कोई कारण भी नहीं है, क्योंकि बापू के स्वच्छता अभियान को यहां भली प्रकार आत्मसात किया गया है। जगह जगह डस्टबिन लगे हैं। हर कोई कूड़ा उसी में फेंकता है। सड़के बीचो बीच फूलों की क्यारियां लगी हैं। जिसमें अनगिनत फूल खिले हैं। लोग अलग अलग एंगिल से इन फूलों के साथ तो कोई इन फूलों की तस्वीरें उतारता नजर आता है।


अल सुबह लोग एमजी रोड पर बैडमिंटन खेलते नजर आते हैं। सड़क खाली नजर आती है। कुछ चाय वाले सुबह सुबह चाय लेकर अपनी मोबाइल दुकान चलाते हैं। आपसे बड़े प्रेम से चाय पीने का आग्रह करते हैं। चाय बेचने का यह सिलसिला रात के 10 बजे तक भी चलता रहता है। चटक धूप निकलने के साथ एमजी रोड की दुकाने खुलने लगती हैं और शुरू हो जाता है कारोबार। गंगटोक शहर के कई प्रसिद्ध शोरुम एमजी रोड पर हैं। बेकरी की दुकानें। कपड़ों की दुकानें। खाने पीने के लोकप्रिय होटल। परिवार भोजनालय, रसोई शाकाहारी, मारवाड़ी बासा से लेकर रोल्स की प्रसिद्ध दुकानें। यादगारी के लिए शापिंग के तमाम विकल्प मौजूद हैं। शहर के कई प्रसिद्ध आवासीय होटल भी एमजी रोड पर स्थित हैं। सड़क एक ओर नेशनल हाईवे से आरंभ होती है तो दूसरी और शहर के प्रशासनिक इलाके नामनांग में जाकर खत्म होती है। बीच में कई जगह सड़क ऊपर नीचे जाती सीढ़ियों से दूसरी प्रमुख सड़कों से जुड़ी हुई है।

पर लोगों का सबसे प्रिय शगल है एमजी पर लगे बेंच पर बैठना और टाइम पास करना. सड़क पर वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। इसलिए बेखौफ होकर सड़क पर घूमते रहिए। कोलकाता, गुवाहाटी, मुंबई और देश के दूसरे शहरों से आई नौयौवनाएं अंगड़ाई लेती सरदी में आईसक्रीम चाटती चुलबुली हरकतें करतीं नजर आती हैं। बच्चों के लिए तो आनंद मार्ग है एमजी रोड। बापू के साथ सेल्फी लेने का भी अपना आनंद है। ऐसा लगता है मानो बापू नौनिहालों को मस्ती करते देखकर उन्हें आशीष दे रहे हों- इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के।

वैसे तो एमजी रोड बहुत पुरानी सड़क है राजधानी गंगटोक की। पर साल 2008 में इसे नया रूप दिया गया है। एमजी रोड का आधा हिस्सा नया बाजार कहलता है। सड़कों के किनारे सुंदर फुटपाथ। रोशनी के लिए नक्काशीदार लाइटिंग। खाली जगहों पर पेंटिंग और म्यूरल्स। ये सब कुछ मिलाकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं कि आपका एमजी रोड से जाने का दिल नहीं करता। कंपकपाती सुबह हो या चटकीली दोपहर या फिर रुमानी शाम एमजी रोड हमेशा मुस्कुराता रहता है। तो चलिए ना कुछ घंटे गुजारते हैं एमजी रोड पर। - vidyutp@gmail.com
 ( MG ROAD,  GANDI,  GANGTOK,  EVENING  )

( अगली कड़ी में चलिए नाथुला की ओर..... ) 

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