Friday, December 11, 2015

हैदराबाद का बिरला मंदिर

हैदराबाद शहर के बीचों बीच स्थित है संगमरमर से बना विशाल वेंकटेश्वर मंदिर जिसे लोग बिरला मंदिर के नाम से भी जानते हैं। हैदराबाद के स्थानीय लोगों के बीच ये मंदिर आस्था का केंद्र है। देश भर में कई प्रमुख शहरों में बिरला परिवार द्वारा बनवाए गए मंदिर हैं जिन्हें लोग बिरला मंदिर के नाम से जानते हैं।

 हैदराबाद का ये बिरला मंदिर 1976 में बनकर तैयार हुआ। यह हैदराबाद शहर के बीच 280 फीट ऊंचे नौबत पहाड़ पर बना हुआ है। मंदिर 13 एकड़ में विस्तारित है। इसके निर्माण में दस साल लगे। रामकृष्ण मिशन के स्वामी रंगनाथ नंद की इस मंदिर के निर्माण में बड़ी भूमिका थी। पहाड़ पर बना ये मंदिर अपन सौंदर्य में अद्भुत नजर आता है। खास तौर पर रात में इसका सौंदर्य और भी बढ़ जाता है। एक बार मंदिर में पहुंच जाने के बाद तो यहां से यानी इसके परिसर से बाहर  निकलने की इच्छा ही नहीं होती। मंदिर के चारों तरफ बने गलियारे से हैदराबाद शहर का बड़ा ही सुंदर नजारा दिखाई देता है। ऐसा लगता है इसे घंटों निहारते रहें। 

मंदिर के निर्माण में द्रविड़, उत्कल और राजस्थानी शैली का मिल जुला रूप देखने को मिलता है। इसके निर्माण में तकरीबन 2000 टन सफेद संगमरमर का इस्तेमाल हुआ है। इसलिए मंदिर दूर से भी काफी भव्य दिखाई देता है।  मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर की 11 फीट ऊंची प्रतिमा है। प्रतिमा के ऊपर एक सुंदर सी छतरी है। परंपरागत मंदिरों की तरह यहां घंटियां नहीं लगाई हैं।
इस  मंदिर के निर्माण में लगे स्वामी रंगनाथ आनंद चाहते थे कि यह जगह बिल्कुल शांत हो जहां बैठकर लोग ध्यान कर सकें। मंदिर परिसर में विष्णु की पत्नी पद्मावती का भी मंदिर है। इसके अलावा मंदिर परिसर में शिव, शक्ति, गणेश, सरस्वती, ब्रह्मा, लक्ष्मी आदि की भी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मंदिर की दीवारों पर गुरबाणी का पाठ भी लिखा गया है। ये मंदिर जाति भेद से ऊपर सबके लिए खुला है।


बिरला मंदिर सुबह 7 बजे दर्शन के लिए खुलता है। यह दोपहर 12 बजे बंद हो जाता है। फिर यह दोपहर दो बजे खुलता है और रात्रि नौ बजे तक खुला रहता है। मंदिर में तिरूपति बालाजी की तर्ज पर प्रसाद में लड्डू मिलता है। इसे आप क्रय कर सकते हैं।

मंदिर परिसर से आप हैदराबाद शहर का नजारा कर सकते हैं। खास तौर पर यहां से हुसैन सागर झील का सुंदर नजारा दिखाई देता है। मंदिर के पास बीएम बिरला प्लेटेनोरियम, बीएम बिरला साइंस म्युजियम, जीपी बिरला आब्जरवेटरी और निर्मला बिरला गैलरी आफ मार्डन आर्ट भी स्थित है। इन सबके लिए अलग अलग टिकट है। 

परिसर को बडे ही सुंदरता से सजाया गया है। हैदराबाद शहर के छुट्टियों के दिन घूमने आते हैं। आध्यात्मिक सुख के साथ यहां ज्ञान वर्धन और मनोरंजन भी हो जाता है। 2003 में शुरू हुए मार्डन आर्ट गैलरी में देश के जाने माने कलाकारों जैसे जेमिनी राय और तैयब मेहता की कृतियां देखी जा सकती हैं।

कैसे पहुंचे – लोकल ट्रेन के रेलवे स्टेशन लकड़ी का पुल से मंदिर काफी नजदीक है। नेकलेस रोड की ओर जाने वाली सड़क पर रिजर्व बैंक के बगल वाली गली से आप बिरला मंदिर पहुंच सकतेहैं। मंदिर के पास निजी वाहनों की पार्किंग का इंतजाम है। 


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