Saturday, December 5, 2015

कुरकुरा और पौष्टिक मूंग दाल का डोसा

मसाला डोसा तो आपने खूब खाया होगा, पर मूंग दाल के बने डोसा का आनंद लिया किया। इस बार हैदराबाद की यात्रा में हमने मूंग का डोसा खाया। यह स्वाद में अच्छा तो है ही साथ ही गरिष्ठ होता है। एक डोसा खाने के बाद लगता है पेट भर गया। तेलुगु में इसे पेसारत्तू डोसा कहते हैं। इसे आंध्र के घरों में बनाया जाता है वहीं कहीं कहीं रेस्टोरेंट और टिफिन सेंटर में भी सुलभ होता है। हैदराबाद के वनस्थली पुरम इलाके में गणेश मंदिर के पास स्थित एक टिफिन सेंटर में ये डोसा उपलब्ध है।
आम तौर पर मूंग डोसा मसाला डोसा से आकार में छोटा रहता है। यह डोसा मूंग के चिल्ला से काफी अलग है। इसे हरी मूंग और पीली मूंग ( बिना छिलके वाली) दोनो से बनाया जा सकता है। आम तौर पर पेसारत्तू को सांभर के साथ नहीं बल्कि उपमा के साथ खाने के लिए पेश किया जाता है। इसके साथ नारियल और धनिया की चटनी भी हो सकती है।


ऐसे बनाएं – मूंग को सारी रात भिंगो दे। सुबह इसे मिक्सी में पिस कर इसका पेस्ट तैयार करें। इसमें हरी मिर्च, अदरक और धनिया पत्ता मिलाएं। थोडा सा चावल का आटा भी इस पेस्ट में मिलाएं। इसके बाद इसमें तेल या घी मिलाएं। स्वाद के मुताबिक थोड़ा नमक भी मिलाएं। मिश्रण न ज्यादा पतला और न ही ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए। डोसा को तवे पर फैलाते समय तवा हल्का गरम होना चाहिए ज्यादा गरम तवा होने पर दोसा चिपक जाएगा। डोसा तैयार करने के बाद इसके ऊपर प्याज धनिया आदि का छिड़काव करें। मसाले के तौर पर आलू या पनीर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। समान्य डोसा की तरह ही इसे पकाएं।

मूंग डोसा जहां ग्लूटेन फ्री होता है, इसलिए कैंसर रोधी है। वहीं सेहत के लिए काफी अच्छा है। जिन लोगों उड़द के दाल से दर्द की समस्या होती है उनके लिए मूंग डोसा अच्छा विकल्प है। स्वाद में कुरकुरा ये डोसा लोगों को काफी पसंद आता है। इसे टमाटर की चटनी या मूंगफली की चटनी से भी खाया जा सकता है।

-vidyutp@gmail.com

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