Sunday, October 25, 2015

चेन्नई का चिड़ियाघर सफेद बाघ से मुलाकात

अरिगनार अन्ना जूलोजिकल पार्क जिसे चेन्नई में लोग वेंडालूर जू के नाम से भी जानते हैं देश के सबसे पुराने और शानदार चिड़ियाघरों में शुमार है। चेन्नई में इस जू का भ्रमण करने के लिए हमने एक दिन नीयत रखा था। 

सो हमलोग तांब्रम रेलवे स्टेशन के बस स्टाप से लोकल बस में बैठने के थोड़ी देर बाद ही जू के प्रवेश द्वार पर थे। बड़ों का टिकट 30 रुपये बच्चों का 10 रुपये कैमरे का 30 रुपये अलग से। मोबाइल कैमरा, आईपैड, टैब आदि के लिए भी टिकट लेना जरूरी है। हैंडीकैम से सूट करना चाहते हैं तो 150 रुपये। जू सुबह 9 से 5 बजे तक खुला रहता है। मंगलवार को बंद। इस जू में हर रोज दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ होती है।

जू के प्रवेश द्वार पर शानदार फव्वारा आपका स्वागत करता है। मद्रास जू की स्थापना 1855 में मूर मार्केट में हुई थी। यह देश का पहला चिड़ियाघर था। पहले ही चेन्नई शहर के मध्य में था। पर लगातार बढ़ते प्रदूषण और भीड़ के कारण वहां का वातावरण जानवरों के लिए खराब हो गया। इसलिए 1985 में इसे वर्तमान स्थान पर स्थानांतरित किया गया। वर्तमान परिसर 602 हेक्टेयर में फैला है। यहां रखरखाव के लिए 257 पूर्णकालिक कर्मचारी तैनात हैं। पार्क में 138 तरह के वनस्पतियां लगाई गई हैं। चेन्नई की गरमी में भी यहां की आबोहवा सुहानी रहती है।

चिड़ियाघर घूमने का सबसे अच्छा तरीका पैदल चलना होता है। पर यहां बैटरी वाली गाड़ियां संचालित होती हैं उनके लिए जो ज्यादा चलना नहीं चाहते। हम पैदल ही निकले थे, पर देखने में आया कि यहां पर साइकिल रेंट की सुविधा है। 15 रुपये घंटा। फिर क्या था हमने हरक्यूलिस किराये पर ले ली। इस तरह शुरू हुआ साइकिलिंग के साथ चिड़ियाघर की सैर। घूमने के लिए सड़कों पर तीर के निशान बने हैं। सो किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ती। सबसे पहले हमने पक्षियों का बसेरा देखा। सायरस क्रेन से लेकर कई तरह के दुर्लभ पक्षी हैं यहां। आजकल यहां 12 ऑस्ट्रिच की फौज है। हालांकि ये अफ्रीका में पाए जाते हैं। पर वेंडालूर जू का सबसे बड़ा आकर्षण है सफेद बाघ। यह सफेद बाघ जब गुर्राता है तो उसकी गुर्राहट सुनकर अच्छे अच्छों की सिट्टी पिट्टी गुम हो जाए। इस विशाल बाघ को देखकर जी खुश हो गया। 

अपने निवास क्षेत्र में वीरा और झांसी नामक शेर और शेरनियां आराम फरमाते मिल गए। पर इस जू का बड़ा आकर्षण लायन सफारी भी है। आप बंद बस में जाकर लायन सफारी में शेरों को अपने आसपास उन्मुक्त विचरण करते हुए देख सकते हैं। यहां चार बाघों का समूह भी आप देख सकते हैं। इसके अलावा बार्किंड डियर दिखाई देता है। 

वापस लौटते समय प्रवेश द्वार के पास बच्चों के लिए ढेर सारे झूले भी बने हैं। चिड़ियाघर के अंदर एक भोजनालय भी है। यहां किफायती दरों पर खाने पीने की सामग्री उपलब्ध है। दिन भर की सैर यादगार रही। बाहर निकलते हुए आप सोवनियर शॉप से यादगारी में खरीददारी भी कर सकते हैं। यहां आजकल जानवरों को गोद लेने की योजना भी चलाई जा रही है। स्कूली बच्चों और शिक्षकों के लिए जू एजुकेशन के पाठ्यक्रम भी चलाए जाते हैं।

कैसे पहुंचे - चेन्नई का जू वेंडलूर रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर की दूरी पर है। चेन्नई सेंट्रल से चिड़ियाघर की दूरी 30 किलोमीटर है। आप चेंगालपट्ट की ओर जाने वाली किसी भी लोकल ट्रेन में बैठकर वेंडालूर उतर सकते हैं।

 अगर सड़क मार्ग से जाएं तो तांब्रम से चेंगालपटट् जाने वाले हाईवे पर जाने वाली तमाम बसें जू के प्रवेश द्वार वाले स्टाप पर रुकती हैं। जू की वेबसाइट देखें - http://www.aazoopark.in/

- vidyutp@gmail.com

(CHENNAI, ZOO, CYCLE, VENDALOOR) 

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