Saturday, November 28, 2015

महाबलीपुरम में समोसा, कचौरी, गोलगप्पा और जलेबी

महाबलीपुरम की शाम को सड़कों पर टहलते हुए कुछ हल्काफुल्का खाने की इच्छा थी। कई दुकानों पर नजर दौडाते हुए हम चल रहे थे। एक दुकान पर समोसा और कचौरी बिकता नजर आया। दक्षिण में समोसा देखकर खुशी हुई। हम जा पहुंचे और दे डाला समोसे का आर्डर। पर यह क्या यह समोसा तो बिल्कुल यूपी बिहार की तरह बना था। अभी तक हमें दक्षिण में अगर समोसा मिल रहा था तो वह प्याज समोसा टाईप का दक्षिण भारतीय तरीके से बना हुआ था। पर महाबलीपुरम में समोसा की दुकान चलाने वाले मोहित बिल्कुल बिहारी अंदाज में समोसे में आलू भरते हैं। बातचीत में पता चला कि मोहित यादव बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले हैं। (मोहित यादव -9840605726) वे 20 साल पहले दक्षिण भारत आए थे। यहां समोसे की दुकान शुरू की। हनुमान चाट भंडार महाबलीपुरम में खूब लोकप्रिय है।

समोसा के साथ उसी तरह की हरी और लाल चटनी बनाते हैं जैसी दिल्ली में मिलती है। समोसा के अलावा वे कचौरी और जलेबी भी बनाते हैं। साथ में उनका गोलगप्पा का स्टाल भी है। दुकान में समोसा, कचौरी, गोलगप्पा, जलेबी के अलावा कुछ नहीं बेचते। उनकी दुकान दोपहर बाद तीन बजे शुरू होती है और रात 9 बजे तक सब कुछ खत्म हो जाता है। यानी आधे दिन के कारोबार से ही संतुष्ट हैं। तीन बजे से पहले वे दुकान के लिए सामान तैयार करते हैं। मजे की बात कि मोहित की दुकान के ग्राहक महाबलीपुरम आने वाले उत्तर भारत के सैलानी नहीं हैं। उनके सबसे ज्यादा ग्राहक तमिलनाडु के स्थानीय लोग हैं, जिन्हें समोसा, कचौरी, जलेबी का स्वाद भा गया है।

मोहित बताते हैं कि शुरू में कारोबार धीमा चल रहा था। तो कई बार यहां से कामकाज समेट कर बिहार वापस जाने का ख्याल आया। पर जब जब ऐसा ख्याल आया कारोबार में फिर से तेजी आ गई। फिर बिहार वापस जाने का इरादा नहीं रहा। अब तो वे पक्के तमिल माटी के हो गए हैं। महाबलीपुरम में ही छोटी सी जमीन खरीद ली हैं। यहीं घर बनाकर बस जाएंगे। भला जहां से रोजी रोटी में बरकत होती हो वही तो घर है ना. उनकी दुकान पर काम करने वाले कई स्टाफ ऐसे हैं जो बिहार के मधुबनी जिले से आए हैं। ठीक इसी तरह हमने कभी शाहपुर पटोरी के शिवशंकर यादव पर लिखा था जो मणिपुर की राजधानी इंफाल में मिठाइयों की लोकप्रिय दुकान चलाते हैं। खैर मोहित यादव के श्रम और जीजिविषा का मेरा सलाम। अब चलते हैं आगे।
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com

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