Sunday, November 15, 2015

गोल्डेन बीच पर मस्ती भरी दुपहरिया

इस बार के चेन्नई प्रवास में हमने अपना एक दिन गोल्डेन बीच के नाम कर रखा था। ट्रेन से कांचीपुरम जाते समय मोबाइल से ही टिकट न्यू डाट काम से गोल्डेन  बीच तीन टिकटें गोल्डेन क्राउन श्रेणी की बुक कर डाली। 17 अक्तूबर की दोपहर हम गोल्डेन बीच के प्रवेश द्वार पर थे। ईटिकट का स्क्रीन शाट दिखाकर पीआरओ काउंटर से अपना टिकट प्राप्त किया। गोल्डेन बीच के प्रवेश द्वार पर लगेज काउंटर है जहां 15 रुपये प्रति बैगेज के हिसाब से आप अपना लगेज जमा कर सकते हैं। यहां चेंजिंग रूम भी मौजूद है। हमारे हाथों पर गोल्डेन क्राउन की वाटर प्रूफ पट्टियां लगा दी गई हैं। यहां दो तरह के टिकट हैं सिल्वर क्राउन में वाटर किंगडम शामिल नहीं है। 420 रुपये के गोल्डेन क्राउन टिकट में सारे खेल तमाशे और वाटर किंगडम भी शामिल है।

प्रवेश द्वार से अंदर जाते ही आपकी मुलाकात स्टैच्यू मैन से होती है। एक आदमी जो घंटो मूर्ति बनकर खड़ा रहता है। जब मैं 1992 में जनवरी में यहां पहुंचा था तब भी ये स्टैच्यू मैन मौजूद था। आगे बढ़ने पर 34 से ज्यादा तरह के बड़ों और बच्चों के झूले, रोलर कोस्टर, बिजली चलने वाली कारें, 3डी शो और ढेर सारे तमाशे। आप थक जाएंगे पर तमाशे खत्म होने का नाम नहीं लेंगे।

पर हमने सलाह के मुताबिक पहले वाटर किंगडम का रुख किया। 30 रुपया ड्रेस का किराया, 30 रुपये लॉकर का किराया, 30 रुपये टावेल का किराया देने के बाद हम सब गोल्डेन बीच वेश भूषा में आ गए। उसके बाद कूद पड़े विशाल स्विमिंग पुल में। इसमें समय समय पर वाटर वेव भी दिया जाता है जो समंदर सा एहसास कराता है। घंटो नहाते रहे। फिर भी जी नहीं भरा। पार्श्व में पंजाबी और हिंदी फिल्मों के गाने बज रहे थे। पुल में सैकड़ो महिलाएं, बच्चे,जवान मौज मस्ती में डूबे थे। इसके बाद लेजी रिवर जहां काफी ऊंचाई से रबर ट्यूब में फिसलते हुए फिर स्विमिंग पुल में। बच्चों के लिए और वाटर गेम्स मौजूद हैं। एक वाटर गेम में ट्यूब के साथ तेजी से आकर पुल में गिरने के बाद मेरी ट्यूब उलट गई और मैं डूबने लगा। पर सुरक्षा गार्ड ने बचा लिया।

 इन सबके बाद रंग बिरंगे झरने के नीचे स्नान। अब बाहर निकलना है तो सावर भी मौजूद है। मौज मस्ती के लिए कोई समय सीमा नहीं है।  गोल्डेन बीच 11 बजे सुबह से रात्रि 8 बजे तक खुला रहता है। वाटर किंगडम से निकल कर कई तरह के झूले और राइड का आनंद लिया। आनादि तो यहां से निकलना ही नहीं चाह रहे थे। पर भूख लग रही थी। गोल्डेन बीच के परिसर में कई रेस्टोरेंट हैं। खाने पीने की दरें काफी वाजिब हैं। समझो बाजार से भी कम हैं। चेन्नई का ये एम्युजमेंट पार्क समंदर के किनारे स्थित है। सारी मौज मस्ती के बाद आप समंदर की लहरों का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

कैसे पहुंचे – गोल्डेन बीच चेन्नई से महाबलीपुरम के मार्ग पर चेन्नई सेंट्रल इलाके से कोई 25 किलोमीटर आगे ईस्ट कोस्ट रोड पर ही स्थित है। चेन्नई के हर कोने से गोल्डेन बीच के लिए बसें जाती हैं। ब्राडवे स्टाप से आपको नियमित तौर पर 109 नंबर की बस मिल जाएगी।

हजारों फिल्मों की शूटिंग - गोल्डेन बीच का निर्माण वी जी पनीर दास ने कई दशक पहले कराया था। तमिलनाडु के तिरुनवेली जिले के एक गरीब परिवार से आने वाले पनीर दास ने 1955 में चेन्नई में घड़ियों की दुकान से अपना कैरियर शुरू किया। बाद में किस्तों पर घरेलू सामान बेचने का कारोबार शुरू किया। अब वे रिजार्ट, एम्युजमेंट पार्क, रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े हैं। गोल्डेन बीच के अंदर उनके नाम पर पनीर फोर्ट बना है। अब गोल्डेन बीच में एक नन्हा सा जू भी है।

 गोल्डेन बीच, हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड की हजारों फिल्मों की शूटिंग हो चुकी हैं। यहां अमिताभ बच्चन, जीतेंद्र, गोविंदा, रजनीकांत, कमल हासन,नागार्जुन जैसे तमाम अभिनेता शूटिंग कर चुके हैं।कई फिल्मी गीतों के पार्श्व में आप गोल्डेन बीच को देख सकते हैं। पनीरदास का फलसफा रहा आम आदमी को सस्ते में मनोरंजन देना।1997 में गोल्डेन बीच ने संपूर्ण एम्युजमेंट पार्क का रूप लिया पर इसकी टिकट दरें ऐसी रखी गई हैं ज्यादा से ज्यादा लोग यहां आकर आनंदित हो सकें। अब गोल्डेन बीच के बगल में रिजार्ट भी बन गया है जहां आप लग्जरी आवास भी बुक कर सकते हैं।
-         vidyutp@gmail.com


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