Thursday, October 1, 2015

उम्मीद - बदलाव लाने की कोशिशें

जौरा में हरि विश्वास, सुब्बराव जी और के सुकुमारन जी। 
जब अंधेरा घना छाने लगा तो प्रकाश की चिंता सताने लगी। तब एक छोटे से दीए ने आगे बढ़ कर कहा, मैं करूंगा प्रकाश। 

किसी ने खूब कहा है अंधकार को क्यों धिक्कारें, अच्छा हो एक दीप जलाएं। राष्ट्रीय युवा योजना से जुड़े देश भर के युवा सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक समागम राष्ट्रीय रचनात्मक कार्यकर्ता सम्मेलन महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा में 25 से 27 सितंबर 2015 को हुआ। इसमें कई युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए।

जानवरों का अनूठा अनाथालय
वर्धा के आशीष 15 एकड़ में एक आश्रम चलाते हैं जो जानवरों का अनाथालय है। वैसी गायें जो दूध नहीं देती, उन्हें आश्रम में शरण दी जाती है। इन गायों से मिलने वालो गोबर से उपले बनाए जाते हैं। इन उपलों को बेचा जाता है। साथ ही गाय के गोबर से अगरबत्तियां बनाई जाती हैं। काम ज्यादा बढ़ गया तो अगरबत्ती बनाने वाली मशीन ले ली है। इस आश्रम में 20 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। आशीष बताते हैं कि अब वे हर महीने 40 हजार रुपये के गोबर के उपले बेच डालते हैं। उनके आश्रम में 150 गाय के अलावा घोड़े, बत्तख और मोर भी हैं। आशीष पहली बार सातवीं क्लास में पढ़ाई के दौरान बाबा आम्टे के शिविर में गए। वहां से उन्हें समाजसेवा की प्रेरणा मिली। बड़े हुए तो सांपों को पकड़ने का जुनून सवार हो गया। लोग उन्हें सांप वाला आशीष कहते थे। जानवरों से लगाव ने उन्हें पीपुल्स फॉर एनीमल्स की संस्थापक मेनका गांधी को खत लिखने की प्रेरणा दी। मेनका ने उनके काम की सराहना की है। आशीष बताते हैं कि आप एनीमल वेलफेयर बोर्ड आफ इंडिया के साथ जुड़कर जानवरों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं में शामिल हो सकते हैं। जानवर एंबुलेंस, कुत्तों का बंध्याकरण जैसी योजनाओं में हिस्सा ले सकते हैं। 
आशीष के आश्रम का नाम करुणाश्रम है। यहां पीड़ित जानवरों का उपचार भी किया जाता है। आश्रम घायल  पशु पक्षियों का भी सहारा है। उनका समूह कई बार सर्कस से जानवरों को भी आजाद करा चुका है।( आशीष – 9422141262- ashish_pfa@yahoo.com)

महाराष्ट्र के संदीप कुशलकर ने अहमदनगर जैसे संवेदनशील शहर काम शुरू किया। शहर में दंगो के बाद उन्होंने माहौल ठीक करने को लिए शांति समिति बनाई। बाद में शहर के राममणि जैसे स्लम इलाके में समाजसेवा का काम शुरू किया। अनाथ आश्रम में रहने वाले बच्चों को 18 साल बाद बाहर कर दिया जाता है। संदीप ने उन युवाओं को रोजगार देने की कोशिश की। ऐसे 42 अनाथ आश्रम से निकाले गए बच्चे अब पढ़ाई करके जीवन संवारने में लगे हैं। संदीप ने स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की है। इसमें वर्लपुल जैसी कंपनी से मदद ली। प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया। प्रशिक्षित युवाओं को वर्लपुल में रोजगार मिल गया। अब वे बजाज समूह की मदद से प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहे हैं। ऐसे 50 प्रशिक्षित युवाओं को बजाज समूह में काम मिल रहा है। अहमदनगर में उन्होंने एसएन सुब्बाराव स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोला है। आगे बढ़कर अब उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के लिए केंद्र शुरू किया है जिसमें अलग अलग क्षेत्र के प्रोफेशनल उनकी मदद कर रहे हैं। आप संदीप के प्रोजेक्ट में मददगार हो सकते हैं। उन्होंने इसके लिए सहायता स्कीम निकाल रखी है। ( संदीप कुशलकर संपर्क – 9011118787 Email – sandip@yuvaan.org )
पंकज जाला ( गुजरात) 

गुजरात के पंकज जाला ने जात पात के बंधन तोड़ो भारत जोड़ो भारत जोड़ो के नारे को साकार करते हुए अंतरजातीय विवाह किया। आजकल वे अपने शहर में फ्री कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र चला रहे हैं। उनके पास 10 कंप्यूटर हैं। काम करने में प्रशासनिक दिक्कतें आईं पर वे उससे हार नहीं माने। ( पंकज- 9825581315)

केरल में स्वदेशी साबुन -  केरल के के सुकुमारन राष्ट्रीय युवा योजना से लंबे समय से जुड़े हैं उन्होंने आजकल साबुन निर्माण का काम शुरू कराया है। लोगों को फ्री में साबुन बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। हैंडमेड शोप में नहाने का साबुन, लिक्विड शोप बनाए जा रहे हैं। आप अपने घर के लिए साबुन सस्ते में बना ही लेते हैं। साथ ही आसपास में बेच भी सकते हैं। केरल के जिन शहरों में साबुन प्रोजेक्ट चल रहा है वहां बड़ी साबुन कंपनियों की बिक्री गिर गई है। सुकुमारन बताते हैं कि हम जिन महंगे साबुन का इस्तेमाल करते हैं उनमें खतरनाक केमिकल होते हैं जिनसे हमारा बचाव हैंडमेड साबुन के इस्तेमाल से हो जाता है। आप देश के किसी कोने से साबुन निर्माण सीखना चाहते हैं तो सुकुमार जी से संपर्क कर सकते हैं।( के सुकुमारन फोन - 9447482816  ) 

जयपुर के पास नायला गांव के रहने वाले हनुमान शर्मा बताते हैं कि हमारे गांव और आसपास के गांव में राजस्थानी साड़ियों पर प्रिटिंग काम जोरों पर है। यहां हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। कोई भी एक दिन में छपाई का काम सीख जाने के बाद 200 रुपये रोज आराम से कमा सकता है। लोग अपने घरों में इस तरह का काम कर रहे हैं। कोई हमारे पास आए तो हम उसे ये रोजगार दिलाने में मदद कर सकते हैं।

बिहार की राजधानी पटना के युवा नीरज कुमार पिछले कई सालों से शाहगंज इलाके में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग सेंटर करीब करीब निःशुल्क चला रहे हैं। नीरज पहली बार कुछ साल पहले एनवाईपी के जहानाबाद शिविर में पहुंचे थे। उसके बाद उन्होंने कुछ नया और कुछ अलग करने का तय कर लिया। गरीब युवाओं से मामूली सी रजिस्ट्रेशन राशि पर ये कोर्स सीखाए जाते हैं। कई लोगों को प्रशिक्षण पाकर रोजगार मिल चुका है। उनके सभी प्रोजेक्ट बिना किसी सरकारी सहायता के चल रहे हैं। नीरज ने आपस में एक दूसरे की मदद के लिए अपना बैंक शुरू किया है। अपने समूह के लोगों को रोजगार शुरू करने के लिए सस्ते कर्ज देने के लिए फंड भी शुरू किया है। साथ ही किसी बीमारी में आपात सहायता के लिए भी फंड की शुरूआत की है। हाल में अचार पापड़ और झूमर आदि का निर्माण शुरू कराया है। उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग के लिए एक दुकान भी शुरू की है। काम बढ़ रहा है तो लोग मदद के लिए भी आ रहे हैं। अब उन्होंने युवा रक्तदाताओं का समूह भी तैयार किया है।

जन्मदिन पर दान की स्कीम नीरज ने युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने के लिए अनूठी स्कीम शुरू की है। उनके संगठन से जुड़े युवा अपने जन्मदिन पर संस्था को दान देकर अपने जन्मदिन को यादगार बनाते हैं। इतना ही नहीं जो दान राशि अपने जन्मदिन पर देते हैं उसे आजीवन दान देते रहने का संकल्प लेते हैं।
 ( संपर्क नीरज, पटना - 9334724789 )    
झांसी के युवा कमलेश राय ने बबीना कैंट और ललितपुर में नबार्ड की मदद से कई तरह के प्रोजेक्ट शुरू किए हैं जो महिलाओं के लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं। कमलेश बताते हैं कि पहले मैं समाजसेवा के प्रति गंभीर नहीं था। पर बनारस राष्ट्रीय युवा योजना की एक बैठक में मुझे कुछ जिम्मेवारियां दी गईं उसके बाद जिंदगी बदल गई। 2010 में अरुणाचल प्रदेश गया और वहां हरि विश्वास द्वारा चला जा रहे समाजसेव प्रोजेक्ट से प्रशिक्षण लेकर झांसी में काम शुरू किया। अब एनवाईपी झांसी कुल 11 प्रशिक्षण केंद्र चला रहा है। इसमें महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें सिलाई मशीनें भी दिलाई जाती हैं। इसके अलावा कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र और नशामुक्ति केंद्र भी चलाया जा रहा है। ( कमलेश राय - 9616024007 )

-         विद्युत प्रकाश मौर्य

- विद्युत प्रकाश मौर्य

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