Thursday, July 9, 2015

एक बार फिर आरा सासाराम रेल मार्ग पर

सासाराम आरा पटना पैसेंजर। 
साल 2008 से आरा सासाराम रेल मार्ग पर ब्राडगेज सेवा आरंभ हो चुकी है। पर इस मार्ग पर मैंने सफर किया 2015 में। पटना से सुबह 5 बजे इंटरसिटी एक्सप्रेस चलती है भभुआ रोड यानी मोहनिया तक के लिए। ट्रेन सुबह नीयत समय पर खुल जाती है। इससे महज 4 घंटे में सासाराम पहुंचा जा सकता है। पीरो, बिक्रमगंज , सासाराम, कैमूर तक जाने वालों के लिए ये ट्रेन वरदान है। बस की तुलना में सस्ता और सुगम सफर शुरू हो चुका है। हालांकि इस मार्ग पर कोई आरक्षित ट्रेन नहीं है। इंटरसिटी में जनशताब्दी जैसे सिटिंग आरक्षण का प्रावधान होता तो बेहतर होता। रेलवे को भभुआ पटना के बीच राज्यरानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन चलानी चाहिए। हालांकि सुबह साढ़े चार बजे पहुंचने पर मुझे जगह मिल गई पर ट्रेन सवारियों से भरकर चलती है।
 पटना जंक्शन से चलने के बाद ये ट्रेन दानापुर, आरा रुकती है। आरा के बाद गड़हनी और पीरो ट्रेन के ठहराव हैं। पीरो में मैं ट्रेन से उटर जाता हूं। पीरो का नया स्टेशन नैरोगेज की तुलना में पूरब बना है। बाजार से बाहर। यहां से बाजार जाने के लिए आटो सेवा चलने लगी है। आटो वाले 10 रुपये लेते हैं।

मेरी वापसी भी इसी रुट से होती है। पर मामा के बेटे पीरो से आरा की तरफ अगले हाल्ट नगरी ग्राम पहुंचा देते हैं। नगरी ग्राम को हाल में ग्रामीणों की मांग पर हाल्ट बनाया गया है। आरा से सांसद राजकुमार सिंह ने इस हाल्ट का उदघाटन किया है। एक अस्थायी केबिन बनाकर टिकट घर बना दिया गया है।
नगरी ग्राम का टिकट घर। 

 टिकट घर ठेके पर है। पीले रंग के गत्ते वाले टिकट यहां पर मिलते हैं। पर काफी लोग अभी बेटिकट चलते हैं। सिर्फ आरा जाने वाले टिकट खरीदते हैं क्योंकि आरा में चेकिंग होने का खतरा रहता है। नगरी के गांव वालों की चिंता है कि अगर टिकटों की बिक्री कम रही तो हाल्ट कैंसिल हो जाएगा। इसलिए वे हाल्ट पर आने वाले लोगों को टिकट लेने के लिए कहते हैं। पीरो से आरा के बीच नगरी, चरपोखरी, गडहनी और उदवंत नगर ठहराव है। पर कसाप रेलवे स्टेशन नहीं बना है। नैरोगेज में कसाप भी स्टेशन हुआ करता था। कसाप के लोगों में स्टेशन नहीं बनने से काफी नाराजगी है। लोगों के गुस्से के कारण हर पैसेंजर ट्रेन को कसाप में अघोषित तौर पर रुकना ही पड़ता है। नहीं रोकने पर लोको पायलट की पिटाई हो सकती है। वैसे ग्रामीण रेलवे कर्मचारियों को प्यार भी खूब करते हैं। कभी उन्हें गन्ना तो कभी मीठे आम पेश करते हैं।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने जून 2015 में सासाराम दौरे के क्रम में ऐलान किया है कि आरा सासाराम रेलवे लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इस पर कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग डाइवर्ट किया जाएगा जिससे ग्रैंड कोर्ड लाइन पर भीड़ को कम किया जा सके। इस खबर से लोगों में काफी खुशी है।     


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