Sunday, July 12, 2015

कलियुग में हारे का सहारा हैं खाटू श्याम

राजस्थान के सीकर जिले में खाटू श्याम का प्रसिद्ध मंदिर है। देश भर से श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खाटू श्याम जी महाभारत की कथा के बबर्रीक हैं। उनकी  कथा का वर्णन स्कन्द पुराण के माहेश्वर खंड के अंतर्गत द्वितीय उपखंड कौमारिका खंड में आती है। खाटूश्याम जी कलियुग में कृष्ण के अवतार माना जाता है। इन्होंने श्री कृष्ण से वरदान प्राप्त किया था कि वे कलियुग में उनके नाम से पूजे जाएंगे। कृष्ण बर्बरीक के महान बलिदान से प्रसन्न हुए और वरदान दिया कि जैसे जैसे कलियुग का अवतरण होगा, तुम श्याम के नाम से पूजे जाओगे। तुम्हारे भक्तों का केवल तुम्हारे नाम का सच्चे दिल से उच्चराण मात्र से ही उद्धार होगा। यदि वे तुम्हारी सच्चे मन और प्रेमभाव रखकर पूजा करेंगे तो उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होगी और सभी कार्य सफल होंगे। कृष्ण ने कहा था कि कलियुग में हारे हुए का साथ देने वाला ही श्याम नाम धारण करने में समर्थ है। कहा जाता है कि बर्बरीक का शीश खाटू में दफ़नाया गया था। इसी स्थल पर उनका मंदिर बना है।

खाटू श्याम का मूल मंदिर 1027 में रूपसिंह चौहान और उनकी पत्नी नर्मदा कंवर द्वारा बनाया गया था। मारवाड़ के शासक ठाकुर के दीवान अभय सिंह ने ठाकुर के निर्देश पर 1720 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। मंदिर इस समय अपने वर्तमान आकार ले लिया और मूर्ति गर्भगृह में प्रतिष्ठापित किया गया था। मूर्ति दुर्लभ पत्थर से बना है।
यूं तो खाटू श्याम के दरबार में सालों भर हर रोज भीड़ होती है पर, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष में यहां विशाल मेला भरता है, जिसमें देश-विदेश से भक्तगण पहुंचते हैं। हजारों लोग यहाँ पदयात्रा कर पहुंचते हैं, वहीं कई लोग दंडवत करते हुए खाटू नरेश के दरबार में हाजिरी देते हैं। हर एकादशी और रविवार को भी यहां भक्तों की लंबी कतारें लगी होती हैं। मंदिर के आसपास सुंदर सा बाजार है। यहां से लोग मोर पंख और राजस्थानी पगड़ियां खरीद कर ले जाते हैं। मंदिर के आसपास में रहने के लिए कई धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस बने हुए हैं।
खाटू श्याम में मोरपंख और पगड़ियों का बाजार। 

कैसे पहुंचे – जयपुर से खाटू श्याम के लिए सीधी बस सेवा है। सिंधी कैंप बस स्टैंड से अमूमन हर आधे घंटे पर बसें मिलती हैं। ये बसें रींगस होते हुए खाटू श्याम तक जाती हैं। अगर आप ट्रेन से जाएं तो जयपुर से रींगस तक जा सकते हैं छोटी लाइन से। दिल्ली से रींगस तक के लिए सीधी रेलगिड़यां भी हैं। वहां से फिर बस लेनी पड़ेगी। जयपुर से खाटू श्याम की दूरी 69 किलोमीटर है। दिल्ली से जाना हो तो दिल्ली से जयपुर मार्ग पर कोटपुतली उतरें। यहां से नीमका थाना होते हुए खाटू श्याम पहुंच सकते हैं। मंदिर से आधे किलोमीटर पहले छोटा सा बस स्टैंड है। दिल्ली से खाटू श्याम के लिए हर महीने के पहले शनिवार को बस भी जाती है जो खाटू श्याम और सालासर बालाजी के दर्शन कराकर वापस ले आती है। इस बस के लिए आप संपर्क कर सकते हैं।  Email - khatu.shyam.yatra@gmail.com TEL. 9716770245

मंदिर संपर्क - http://www.khatushyamjimandir.com/contact-us.htm

(KHATU SHYAM TEMPLE, SIKAR, RAJSTHAN, KOTPUTLI ) 



1 comment:

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