Wednesday, April 8, 2015

जब खाली जेब हम 10 दिनों की यात्रा पर निकल गए...

न एटीएम न क्रेडिट कार्ड कैसे चले काम..
हम कुल 10 दिन के लिए महाराष्ट्र के शहरों में घूमने निकले थे पर नांदेड में दूसरे दिन ही जेब में हाथ डालने पर पता चला कि एटीएम और क्रेडिट कार्ड तो लाना भूल ही गए। अब काटो तो खून नहीं। जेब में दो हजार रुपये थे जिससे बमुश्किल दो दिन गुजारा हो सकता था। आठ दिन बाद हम पुणे पहुंचने वाले थे जहां हमारे मित्र अभयदीप या रिश्तेदार रवि से मदद मिल सकती थी। इससे पहले क्या होगा... नांदेड़ में गुरूग्रंथ साहिब भवन के स्वागत कक्ष पर मैं चिंता में था। अब कैसे हो इस संकट का समाधान। अमूमन मैं एक एटीएम कार्ड और एक क्रेडिट कार्ड लेकर चलता हूं।

पर इस बार पूरी तैयारी के बावजूद घर से निकलते हुए भूल हो गई। अक्सर मेरी पत्नी माधवी भी अपना एटीएम साथ लेकर चलती हैं। ये एटीएम इमरजेंसी में काम आता है। जब हमारा एटीएम जवाब दे जाता है तो उससे भी पैसा निकालते हैं। ऐसा हमने दक्षिण भारत के दौरे में किया था। पर इस बार वे अपना एटीएम भी घर में ही छोड़ आई थीं। अब बारी ये सोचने की थी कि अगले दस दिनों के लिए खर्च का इंतजाम कैसे हो। हालांकि हमारी आगे की यात्रा की सभी रेल टिकटें और होटलों के कमरे अग्रिम तौर पर बुक थे। पर स्थानीय यात्रा और खाने पीने के लिए जरूरी जेब खर्च तो चाहिए न। मैं अपने बैंक खाते का या क्रेडिट कार्ड का आनलाइन ट्रांजेक्शन करने में सक्षम था। वहीं 31 मार्च से अगले चार दिन बैंक बंद रहने वाले थे।


नांदेड़ में सुबह सुबह नास्ते में पंजाबी पराठे दही के साथ खाने के साथ ही ठंडे दिमाग से कुछ देर सोचने के बाद ये ख्याल आया कि मैं किसी स्थानीय व्यक्ति के खाते में आनलाइन रुपया ट्रांसफर कर दूं, उसके बाद वह व्यक्ति एटीएम से धन निकालकर मुझे दे दे तो बात बन सकती है। हमारा अगला पड़ाव औरंगाबाद होने वाला था। मैंने विचार किया कि औरंगाबाद में जिस होटल में अगले चार दिन हम ठहरने वाले हैं वहां के मैनेजर से ऐसी मदद मांगूंगा। क्योंकि हमारा और कोई परिचित औरंगाबाद शहर में नहीं था। 

थोड़ी देर बाद हम तपोवन एक्सप्रेस से औरंगाबाद के लिए चल पड़े। स्टेशन के सामने बंसी लाल नगर में होटल श्रीमाया में हमारा ठिकाना था। होटल के स्वागत कक्ष पर मौजूद मैनेजर को हमने अपनी समस्या बताई। होटल का युवा उड़िया मैनेजर बोला, सर आप बेफिक्र होकर मेरा एटीएम और पासवर्ड ले लिजिए। पैसे ट्रांसफर करें और निकालें मुझे आपको ऐसी मदद करके खुशी होगी। अब मेरी समस्या खत्म होती प्रतीत हुई। 
औरंगाबाद- होटल श्रीमाया के मैनेजर को धन्यवाद। 

इस बीच मैंने पटना में अपनी पत्नी के भाई आनंद रंजन जी से बात करके अपनी समस्या बताई थी। उन्होंने एक प्रस्ताव दिया था कि मैं आपको नकदी आपके होटल में अपने किसी औरंगाबाद के व्यापारी मित्र से भिजवा देता हूं। पर खाता में ट्रांसफर की बात सुनकर वे बोले। फिर मैं उस मैनेजर के खाते में ही यहां से राशि जमा करा देता हूं और आप निकाल लें।

मुझे अपने खाते से आनलाइन धन ट्रांसफर करने के लिए दो बार नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना पड़ता। पहली बार नए बेनिफिसयरी को जोड़ने के लिए तो आधे घंटे बाद धन ट्रांसफर करने के लिए।

इस बार की यात्रा में मैं अपना लैपटाप लेकर नहीं चल रहा था इसलिए मुझे को इंटरनेट टर्मिनल ढूंढना पड़ता। खाते में धन जमा करा देने से मैं इससे बच गया। अगले दिन 30 मार्च को हम एलोरा घूमने गए इसी बीच खाते में धन आ गया। हमने उस मैनेजर दिल से धन्यवाद दिया।

श्रीमाया  होटल के मैेनेजर ने लोकल साइट भ्रमण के लिए कार बुक कराने में भी हमारी काफी मदद की। उन्होंने एलोरा भ्रमण के लिए हमे वाजिब दर पर टैक्सी उपलब्ध कराई। इस तरह हम एक बड़े संकट से बाहर निकल सके और हमारा आगे सफर निरापद बन सका।


-    ----विद्युत प्रकाश मौर्य - 
Email -  vidyutp@gmail.com

(  ( AURANGABAD CITY, MARATHWADA, HOTEL SRI MAYA ) 

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