Monday, April 6, 2015

भाप इंजन की विरासत की दास्तां सुनिए...

महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर का रेलवे स्टेशन। बाहर आने पर स्टेशन के भवन को देखकर ये एहसास हो जाता है कि आप अंजता और एलोरा के शहर में आ गए हैं। पर स्टेशन के बाहर एक और नायाब चीज आपका इंतजार कर रही है जो रेलवे के इतिहास से रूबरू कराता है। स्टेशन परिसर में खड़ा है मीटर गेज का स्टीम लोकोमोटिव। यह भारतीय रेलवे के स्टीम इंजन की गौरवशाली विरासत की कहानी चुपचाप खड़ा होकर सुना रहा है। 

औरंगाबाद रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ा यह स्टीम लोकोमोटिव रेलवे को 1998 तक अपनी सेवाएं दे रहा था। हालांकि वह अभी थका भी नहीं था रिटायर भी नहीं हुआ था। पर इलाके में स्टीम इंजन का दौर खत्म हो रहा था इसलिए उसे मजबूरी में रिटायर होना पड़ा। ये लोकोमोटिव है वाईपी 2590 ( YP2590 ) 

यह एक स्वदेशी लोकोमोटिव है। इसका निर्माण टेल्को जमशेदपुर में किया गया था। 1965 में निर्मित यह लोकोमोटिव मीटर गेज पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं देता रहा। यह 4-6-2 श्रेणी का लोकोमोटिव है जो मीटर के गेज रेलवे ट्रैक का पापुलर माडल हुआ करता था। 16 अगस्त 1998 को इसने अपना आखिरी सफर महाराष्ट्र क्षेत्र में किया। किसी समय में मनमाड से नांदेड़ का रेल मार्ग मीटर गेज का हुआ करता था। तब इस मार्ग पर यह लोकोमोटिव यात्री गाडियां को खींचा करता था। पर अब वह दौर इतिहास बन चुका है। 

अब न स्टीम इंजन हैं न ही मीटर गेज ट्रैक। पर लोग रेलवे का इतिहास जान सकें और देख सकें इसलिए इस लोकोमोटिव को औरंगाबाद रेलवे स्टेशन के बाहर लाकर स्थापित किया गया है। वैसे स्टीम लोकोमोटिव की सबसे ब़ड़ी रेंज हरियाणा के रेवाड़ी में देखी जा सकती है। पर आप रेल से देश के अलग अलग हिस्सों में भ्रमण करते हुए कई जगह स्टीम लोकोमोटिव देखकर रेलवे की विरासत को याद कर सकते हैं। वैसे सन 2000 से पहले देश में सभी स्टीम लोकोमोटिव इतिहास का हिस्सा बन चुके थे।
( INDIAN RAIL, STEAM, LOCOMOTIVE, AURNGABAD )

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