Tuesday, April 21, 2015

और चेन्नई एक्सप्रेस से हम पहुंचे पुणे

हमारी औरंगाबाद से आगे बढ़ने की बारी थी। मुंबई जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस सुबह 6 बजे औरंगाबाद शहर से खुल गई। हम नियत समय पर कल्याण पहुंच गए। अगली ट्रेन से देर से थी सो बाहर निकलकर थोड़ी से पेट पूजा की। कल्याण रेलवे स्टेशन का विस्तार काफी लंबा चौड़ा है। वापस आकर कर्जत की तरफ जाने वाली लोकल ट्रेन पकड़ी। थोड़ी देर बाद हम नेरल में थे। नेरल से माथेरन। दो दिन बाद माथेरन से फिर नेरल वापस। आगे हमें जाना था कर्जत। पर नेरल में दोनों बार माधवी को यहां की गरमी बरदाश्त नहीं हुई। खैर हम कर्जत पहुंच गए। यहां से पुणे जाने के लिए सिंहगढ़ एक्स्प्रेस शाम को 4 बजे के बाद थी। हम उसी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। तभी चेन्नई एक्सप्रेस के आने की घोषणा हुई। ये ट्रेन पुणे में सिंहगढ़ एक्स से पहले पहुंच जाएगी।
 हमने अनादि को कहा, इंजन के बाद जनरल डिब्बा आएगा। उस पर नजर रखो अगर उसमें बैठने लायक जगह हुई तो हम इसी ट्रेन में घुसने की कोशिश करेंगे। संयोग से जहां हम खड़े थे वहीं इंजन के बाद वाला डिब्बा आकर लगा।
 ट्रेन चेन्नई जा रही थी पर इसके जनरल डिब्बे में सम्मान जनक जगह थी। हम कर्जत में इस ट्रेन में सवार हो गए। तब याद आया कि चेन्नई एक्सप्रेस नाम की फिल्म बन चुकी है और काफी लोकप्रिय हुई थी। तो क्या यह शाहरुख खान दीपिका पादुकोण वाली ही चेन्नई एक्सप्रेस है। अनादि ने कहा नहीं पापा सिर्फ नाम ही मिलता है।  ये फिल्मी ट्रेन नहीं ये तो असली चेन्नई एक्प्रेस है। 11027 अप चेन्नई एक्सप्रेस मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से दोपहर दो बजे डीजल लोको के पावर से चलती है। इसमें गुंतकल तक डीजल इंजन ही लगा रहता है। इसके आगे चेन्नई तक इसे इलेक्ट्रिक लोको लेकर जाता है।

चेन्नई एक्सप्रेस लोनावाला की पहाड़ी वादियों के बीच सिंह गर्जना करती हुई आगे बढती जाती है। खिड़की से सह्याद्रि की हरी भरी वादियां नजर आती हैं। पिंपरी चिंचवड के बाद ट्रेन पुणे में प्रवेश कर जाती है। तभी ट्रेन खड़की नामक स्टेशन पर रुक जाती है। ये पुणे का बाहरी इलाका है। ठहराव सिर्फ एक मिनट का है। मैं अपने दोस्त अभय को तुरंत फोन मिलाकर पूछता हूं...तुम्हारा घर खड़की से पास है क्या..वह बताता है हां...बस हम तुरंत ट्रेन से उतर जाते हैं। हमारा डिब्बा सबसे आगे है। स्टेशन के मुख्य भवन से काफी आगे। पर सामने 10 कदम पर सड़क नजर आती है और वहां खड़े दो आटो रिक्शा। एक आटो रिक्शा हमें महज 10 मिनट में पुराने दिनों के साथी अभय के घर पहुंचा देता है जो बोपोडी में रहते हैं। हम समय से एक घंटे पहले घर पहुंच गए। थैंक्यू चेन्नई एक्सप्रेस।

अभय कुमार के साथ, शिवनेरी, शिवाजी के किले में । कभी हमलोग बीएचयू में साथ साथ थे.....

( CHENNAI EXPRESS, RAIL, MUMBAI, PUNE ) 

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