Saturday, April 11, 2015

लेटे हुए हनुमान जी यानी भद्र मारुति


यहां भाव समाधि में हैं रामभक्त हनुमान

देश में बजरंग बली के लाखों मंदिर होंगे, पर इनमें खुल्ताबाद का भद्र मारुति मंदिर काफी अलग है। खुल्ताबाद गांव में स्थित इस मंदिर में लेटे हुए हनुमान जी की विशाल प्रतिमा है। इस तरह के लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा देश में सिर्फ इलाहाबाद में हैं। एलोरा से भद्रा मारूति की दूरी तीन किलोमीटर है।
यहां पर खास तौर पर हनुमान जयंती और रामनवमी के समय भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। 
मधुर संगीत सुन सो गए हनुमान जी - कहा जाता है कभी खुल्ताबाद का नाम भद्रावती था। यहां के शासन का नाम भद्रसेन था। वह भगवान राम का अनन्य भक्त था। अक्सर वह राम धुन में डूबा रहता था। एक बार हनुमान जी ने भद्रसेन को राम की धुन में मगन होकर गाते हुए सुना। हनुमान जी को संगीत इतना अच्छा लगा कि वे वहीं पर सो गए। इसे हनुमान जी की भाव समाधि कहा जाता है। ये हनुमान जी का अदभुत रूप है जो अन्यत्र देखने को नहीं मिलता। जब भद्रसेन ने अपना गाना खत्म किया तो उसने पाया कि हनुमान जी उसके आगे सो रहे हैं। तब भद्रसेन ने हनुमान जी से आग्रह किया कि वे यहीं पर हमेशा के लिए विराजमान हों और भक्तों को आशीर्वाद दिया करें। इसलिए भद्र मारुति मंदिर का हनुमान भक्तों में खास महत्व है।

और भी हैं विलक्षण हनुमान मंदिर -  देश में और भी हनुमान जी के विलक्षण मंदिर हैं। इसी क्रम में इंदौर के उलटे हनुमान मंदिर है। यह भारत कि एक मात्र उलटे हनुमान कि प्रतिमा है। इसी तरह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रतनपुर के गिरिजाबंध हनुमान मंदिर में स्त्री रुप में हनुमान प्रतिमा है। इन सबसे अलग गुजरात के जामनगर के बाल हनुमान मंदिर है।

एलोरा गुफाओं के बाद हमारा अगला पड़ाव था भद्र मारूति। यहां पहुंचने पर हमें मंदिर के आसपास निर्माण कार्य चलता हुआ दिखाई दिया। मंदिर को और भव्य बनाने की तैयारी जारी है। हमारे बीएचयू  के दोस्त जीतेंद्र यादव जो आरपीएफ में पदस्थापित हैंने सलाह दी थी इस तरफ आएं तो भद्र मारूति के जरूर दर्शन करें। जय बजरंग बली...


( AURANGABAD, BHADRA MARUTI TEMPLE, KHULTABAD ) 


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